8 जून 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

होर्मुज स्ट्रेट रहेगा खुला लेकिन सभी जहाजों को देनी पड़ेगी फीस, ईरान ने लिया फैसला

Strait of Hormuz Update: होर्मुज स्ट्रेट के लिए ईरान ने एक बड़ा फैसला लिया है। क्या है यह फैसला? आइए जानते हैं।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Tanay Mishra

Jun 08, 2026

Ships in Strait of Hormuz

होर्मुज स्ट्रेट में जहाज (File Photo)

अमेरिका (United States of America) और ईरान (Iran) के बीच डील जल्द ही होने की उम्मीद है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के अनुसार दोनों देशों के बीच आखिरी चरण की बातचीत चल रही है, लेकिन उन्होंने अपनी टीम को कोई भी जल्दबाजी न करने के लिए भी कहा है। इस बीच ईरान और इज़रायल (Israel) के बीच एक बार फिर युद्ध शुरू हो गया है। ईरान के इज़रायल पर हमले के बाद इज़रायल ने भी जवाबी हमला किया, जिसके बाद ईरान ने फिर इज़रायल पर हमला किया। इसी बीच होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर ईरान ने एक बड़ा फैसला लिया है।

होर्मुज स्ट्रेट रहेगा खुला लेकिन…

अमेरिका से तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद किया हुआ है और अमेरिकी नेवी ने भी इस जलमार्ग में नाकेबंदी हटाई नहीं है। हालांकि कुछ जहाजों को गुज़रने दिया जा रहा है। इसी बीच रूस (Russia) की राजधानी मॉस्को (Moscow) में ईरानी राजदूत ने कहा है कि भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा, लेकिन सभी जहाजों को फीस चुकानी पड़ेगी। ईरानी राजदूत ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट के लिए नई शर्तें ईरान और ओमान (Oman) मिलकर तय करेंगे।

ट्रंप हैं होर्मुज में फीस के खिलाफ

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्रंप शुरू से ही होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी तरह की फीस के खिलाफ हैं। उन्होंने इस मामले में ओमान में हमलों की भी धमकी दी थी।

पूरी तरह कब खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट?

अमेरिका और ईरान के बीच डील होने के बाद ही होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से खुलेगा। ट्रंप ने भी यह साफ कर दिया है। हालांकि ट्रंप चाहते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट पर किसी का कंट्रोल न हो, लेकिन ईरान ने यह भी साफ कर दिया है कि इस जलमार्ग पर उसी का कंट्रोल रहेगा।

भारत को हो रहा नुकसान, ईरान को अफसोस

भारत (India) और अन्य कई देशों को होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से नुकसान हो रहा है, जिस पर ईरान ने अफसोस भी जताया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Esmaeil Baghaei) ने कुछ समय पहले कहा कि ईरान को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि अमेरिका और इज़रायल ने गल्फ क्षेत्र में मौजूद अपने ठिकानों का इस्तेमाल करके ईरान पर हमले किए थे। इस वजह से भारत और अन्य कई देशों को परेशानी हो रही है और ईरान इससे खुश नहीं हैं, लेकिन बघाई के अनुसार इसके लिए अमेरिका और इज़रायल ज़िम्मेदार हैं।