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सीरिया सरकार ने गुपचुप दी 13 हजार लोगों को फांसी की सजा : एमनेस्टी इंटरनेशनल

बंदियों का बार-बार उत्पीड़न करने और उन्हें भोजन, पानी एवं चिकित्सकीय देखभाल से वंचित रखके ‘तबाही की नीति’ अपनाने का आरोप लगाया है।

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Punit Kumar

Feb 07, 2017

syria

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दमिश्क के पास सीरिया सरकार की एक कुख्यात जेल में पिछले 5 सालों में तकरीबन 13 हजार लोगों को फांसी दी गई है। ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल’ ने यह जानकारी देते हुए सीरिया शासन पर च्तबाही की नीतिज् अपनाने का आरोप लगाया है।

एमनेस्टी की ‘ह्यूमन स्लॉटरहाउस: मास हैंगिंग एंड एक्सटरमिनेशन एट सैदनाया प्रीजन’ टाइटल वाली रिपोर्ट सुरक्षाकर्मियों, बंदियों और न्यायाधीशों सहित 84 प्रत्यक्षदर्शियों के इंटरव्यू पर आधारित है। वहीं इस रिपोर्ट को मंगलवार को जारी किया गया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2011 से वर्ष 2015 के बीच सप्ताह में कम से कम एक बार करीब 50 लोगों के समूहों को मनमाने ढंग से मुकदमे की कार्यवाही करने, पीटने और फिर फांसी देने के लिए ‘आधी रात को पूरी गोपनीयता के बीच’ कारागार से बाहर निकाला जाता था।

मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले समूह ने लिखा है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उनकी आंखों पर पट्टी बांधी रहती थी। उन्हें उनकी गर्दनों में फंदा डाले जाने तक यह भी नहीं पता होता था कि वह कैसे और कब मरने वाले हैं।

पीड़ितों में अधिकतर आम नागरिक थे जिनके बारे में ऐसा माना जाता था कि वे राष्ट्रपति बशर-अल-असद की सरकार के विरोधी थे। फांसी के गवाह रहे एक पूर्व न्यायाधीश ने कहा कि वे उन्हें 10 से 15 मिनट तक फांसी पर लटकाए रखते थे।

एमनेस्टी ने इसे युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध बताया है। एमनेस्टी ने सीरिया सरकार पर बंदियों का बार-बार उत्पीड़न करने और उन्हें भोजन, पानी एवं चिकित्सकीय देखभाल से वंचित रखके ‘तबाही की नीति’ अपनाने का आरोप लगाया है। साथ रिपोर्ट की मानें तो कैदियों के साथ जबरन रेप किया जाता था।

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