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शबद-कीर्तन के साथ मना बैशाखी पर्व

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Ashish Kumar Shukla

Apr 17, 2016

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आजमगढ़. बैशाखी का पर्व रविवार को गुरुद्वारा श्री गुरुनानक दरबार विट्ठलघाट हनुमानगढ़ी में धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान आयोजित शबद-कीर्तन में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
पर्व को लेकर सिख समुदाय के लोगों में भारी उत्साह दिखा। सुबह सात बजे से ही लोग गुरुद्वारे पहुंचने लगे थे। सर्वप्रथम शबद-कीर्तन का आयोजन हुआ। इसके बाद अटूट लंगर बरताया गया। लोगों ने निशान साहिब की परिक्रमा कर गुरुग्रंथ साहिब के आगे मनोकामनाओं को पूर्ण करने की अरदास साध मिलकर संगत किया। इस पर्व पर सभी धर्म व वर्ग के लोगों ने मिलकर हिस्सा लिया। बताते हैं कि बैशाखी के दसवें पातशाह गुरु गोविंद सिंह महाराज ने 1699 में आनंदपुर साहिब में पंचप्यारे को अमृतपान कराकर खुद भी उनसे अमृत की दात प्राप्त कर गोविंद राय से गुरु गोविंद सिंह बने। उन्होंने हिन्दू धर्म व मानवता की रक्षा के लिए खालसा पंथ की स्थापना की। उन्होंने अपना पूरा परिवार धर्म व देश की रक्षा के लिए बलिदान कर दिया। इस अवसर पर जत्थेदार सतनाम सिंह व सुरेन्द्र सिंह ने लोगों का आभार जताया।


मेहता पार्क में बैठक कर बनायी रणनीति
समस्याओं का समाधान न होने से नाराज रसोइया संघ अब बीएसए कार्यालय के घेराव का मन बना रहा है। संघ के लोगों ने रविवार को मेहता पार्क में बैठक कर घेराव की रणनीति बनायी। आगामी 29 अप्रैल को बीएसए कार्यालय के घेराव का निर्णय लिया।
राज्य कर्मचारी महासंघ के मंडल अध्यक्ष रामलाल यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने सातवां वेतन में कर्मचारियों को छला है। संघ की मांग है कि न्यूनतम वेतन 26 हजार व पुरानी पेंशन बहाल की जाए। संविदा पर कार्य करने वाले कर्मचारी रसोइया, आंगनबाड़ी, आशा बहू, पीआरडी, मनरेगाकर्मी, रोजगार सेवक, ग्रामीण चौकीदार, बालश्रम आदि को न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपये दिया जाए और इन लोगों को स्थाई किया जाए। साथ ही नवीनीकरण की व्यवस्था समाप्त किया जाए। संघ के संगठित होने पर ही समस्या का समाधान संभव है। रसोइया संघ की जिलामंत्री किरन ने कहा कि रसोइयों का शोषण किया जाता है और कुछ ग्रामप्रधान द्वारा कहा जाता है कि तुम लोगों को निकाल दिया जाएगा। यही नहीं कुछ विद्यालयों में तो तीन रसोइयों से काम लिया जाता है लेकिन दो रसोइयों का ही वेतन दिया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं पर रोक नहीं लगायी गयी तो संघ धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। बैठक में प्रमिला, पूनम, मीना, आशा, गुड्डी, गीता, रामजनम, निर्मला, रामजाल आदि थे। अध्यक्षता ओमप्रकाश यादव व संचालन ऊषा ने किया।


शिक्षकों का डीआईओएस कार्यालय पर धरना 23 को
शिक्षा के बाजारीकरण के विरुद्ध संघर्ष व शिक्षा सत्र परिवर्तन आदि मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों व सदस्यों की बैठक रविवार को संघ कार्यालय हरिऔध नगर पर हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रामबिहारी सिंह ने कहा कि शिक्षा के बाजारीकरण के विरुद्ध संघर्ष व शिक्षा सत्र परिवर्तन, पेंशन बहाली, सेवा शर्तों के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं की अनुमन्यता में बाधाओं, पारिश्रमिक भुगतान में विलंब, भर्ती से रोक हटाने, वित्तविहीन शिक्षकों को वेतन आदि को लेकर प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 23 अप्रैल को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना का निर्णय लिया गया है। जिलामंत्री प्रभाकर राय ने कहा कि 23 अप्रैल को डीआईओएस कार्यालय पर धरना के माध्यम से शिक्षा के बाजारीकरण एवं शिक्षकों के आक्रोश को सरकार को अवगत कराने के लिए शिक्षक साथी प्रत्येक इकाई शाखा से भारी संख्या में भाग लेकर धरना को सफल बनाएं। बैठक में मुन्नू यादव, सर्वेश्वर पांडेय, परशुराम यादव, विजय कुमार सिंह, अनिल कुमार चतुर्वेदी, रिजवान अहमद, ओमप्रकाश, मानवेंद्र विद्यार्थी, सुनील यादव, फखरुद्दीन, अजीत तिवारी, धीरेन्द्र सिंह, जगदंबा, राजेश यादव, सत्यप्रकाश, शिवमूर्ति, विनय शुक्ला, पंकज कुमार सिंह, गोमती यादव, चित्रसेन सिंह, सुरेन्द्र कुमार सिंह, धनंजय पांडेय आदि थे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रामबिहारी सिंह व संचालन जिलामंत्री प्रभाकर राय ने किया।

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