बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रामबिहारी सिंह ने कहा कि शिक्षा के बाजारीकरण के विरुद्ध संघर्ष व शिक्षा सत्र परिवर्तन, पेंशन बहाली, सेवा शर्तों के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं की अनुमन्यता में बाधाओं, पारिश्रमिक भुगतान में विलंब, भर्ती से रोक हटाने, वित्तविहीन शिक्षकों को वेतन आदि को लेकर प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 23 अप्रैल को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना का निर्णय लिया गया है। जिलामंत्री प्रभाकर राय ने कहा कि 23 अप्रैल को डीआईओएस कार्यालय पर धरना के माध्यम से शिक्षा के बाजारीकरण एवं शिक्षकों के आक्रोश को सरकार को अवगत कराने के लिए शिक्षक साथी प्रत्येक इकाई शाखा से भारी संख्या में भाग लेकर धरना को सफल बनाएं। बैठक में मुन्नू यादव, सर्वेश्वर पांडेय, परशुराम यादव, विजय कुमार सिंह, अनिल कुमार चतुर्वेदी, रिजवान अहमद, ओमप्रकाश, मानवेंद्र विद्यार्थी, सुनील यादव, फखरुद्दीन, अजीत तिवारी, धीरेन्द्र सिंह, जगदंबा, राजेश यादव, सत्यप्रकाश, शिवमूर्ति, विनय शुक्ला, पंकज कुमार सिंह, गोमती यादव, चित्रसेन सिंह, सुरेन्द्र कुमार सिंह, धनंजय पांडेय आदि थे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रामबिहारी सिंह व संचालन जिलामंत्री प्रभाकर राय ने किया।