
शी जिनपिंग। (फोटो- IANS)
ताइवान के एक कमेडियन को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ बोलना भारी पड़ गया है। चीन ने दूसरे देश में घुसकर इस अपमान के लिए कमेडियन से बदला लिया है।
दरअसल, कमेडियन को उसके देश में यानी कि ताइवान में ही कार से कुचलने की साजिश रची गई। इसका मकसद था उसके हाथ-पैर तोड़ देना ताकि वह मंच पर कभी न लौट सके।
पिछले महीने न्यू ताइपे में कॉमेडियन हुआंग यी-हाओ को कार से टक्कर मारी गई। जिसमें वे घायल हो गए। जांच में पता चला कि एक चीनी व्यक्ति ‘के’ ने पैसे देकर यह काम करवाया था।
आरोपियों को निर्देश था कि वे दुर्घटना का नाटक करें और हुआंग को इतना घायल कर दें कि वे शो न कर सकें। बुधवार को न्यू ताइपे के अभियोजकों ने इस मामले में पांच लोगों पर आरोप लगाए।
इस हमले के बाद कमेडियन हुआंग पूरी तरह से सहम गए। उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा- मैंने शी जिनपिंग का थोड़ा जिक्र किया था। अगर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ताइवान पर राज करने से पहले ही आलोचना पर इतना सख्त है, तो अगर कभी उनका राज हो गया तो बोलने की आजादी कैसे बचेगी? उन्होंने पोस्ट के साथ अपने उस शो का एक क्लिप भी शेयर किया जिसमें उन्होंने शी पर हल्की चुटकी ली थी।
बता दें कि चीन की सरकार अपने नेताओं की आलोचना बर्दाश्त नहीं करती। वहीं, ताइवान सरकार बार-बार यह कहती है कि बीजिंग 'ट्रांसनेशनल रिप्रेशन' यानी सीमा पार दमन का इस्तेमाल कर रहा है। जो लोग चीन को अलग देश मानते हैं या उसकी नीतियों पर सवाल उठाते हैं, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
मई में भी हुआंग के शो से पहले ताइपे के एक क्लब में दो लोगों ने मल और पेंट फैलाया था। उन पर भी मुकदमा चला। इससे पहले हांगकांग की गायिका और कार्यकर्ता डेनिज हो पर 2019 में ताइपे में लाल पेंट फेंका गया था।
ताजा मामले के बाद ताइवान के अभियोजकों ने कहा है कि यह गंभीर मामला है जिसमें चीन सीमा पार से ताइवान में अपराधियों को निर्देश देकर राजनीतिक विरोधियों को हिंसा से दबाने की कोशिश कर रहा है।
वहीं, मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल ने चेतावनी भी दी है कि जो कोई भी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी या उसके सहयोगियों के आदेश पर ऐसा काम करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
Updated on:
21 Oct 2026 02:48 pm
Published on:
21 Oct 2026 02:48 pm
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