
सबसे आपको बता दें कि विश्व शिक्षक दिवस यानी वर्ल्ड टीचर्स डे मनाने की शुरुआत से पहले ही भारत शिक्षक दिवस मनाता आ रहा है। इस तरह से भारत इस मामले में विश्व गुरु कहा जा सकता है कि उसने दुनिया से कहीं बहुत पहले शिक्षकों के महत्व को रेखांकित किया था। भारत में तो साल 1962 से ही शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। भारत के शिक्षक दिवस मनाते आने के कई साल बाद यूनेस्को ने अनुशंसा की थी कि इंटरनेशनल टीचर्ड डे कब होगा। लेकिन, भारत ने 5 सितंबर को ही शिक्षक दिवस के रुप में माना और अब भारत में आज भी इसी दिन सेलिब्रेट किया जा रहा है।
लेकिन आज 5 अक्टूबर की पूर्व संध्या पर पहले हम ये बात करते हैं कि दुनिया भर में 5 अक्टूबर को ही शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है, वैसे भी ये सब तो हम पहले से ही जानते हैं कि 5 सितंबर को भारत के दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन होने के कारण भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इसकी पूरी कहानी भी हम आपको बताएंगे...पर पहले बात करते हैं विश्व शिक्षक दिवस की।
5 अक्टूबर को ही क्यों मनाया जाता है विश्व शिक्षक दिवस
विश्व शिक्षक दिवस, जिसे अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के रूप में भी जाना जाता है, हर साल 5 अक्टूबर को मनाया जाता है। साल 1994 से दुनिया भर में विश्व शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इस दिन हम दुनिया भर के शिक्षकों की उपलब्धियों, योगदान और प्रयासों की पहचान करते हैं, उनकी सराहना करते हैं और उनसे प्रेरित होते हैं। इस साल विश्व शिक्षक दिवस की थीम रखी गई है "शिक्षकों से शुरू होता है शिक्षा में परिवर्तन"।
शिक्षकों को धन्यवाद करने का दिन
यह शिक्षकों को उनके छात्रों के द्वारा उनके योगदान के लिए धन्यवाद देने, सम्मान करने और जश्न का दिन है। इस दिन, कई लोग एक साथ आते हैं और देश के साथ-साथ विश्व स्तर पर शिक्षकों द्वारा सामना की जा रही समस्याओं की पहचान करने और उन मुद्दों का समाधान खोजने के लिए बैठकें, सम्मेलन और इस तरह का आयोजन करते हैं।
खास है 2022 की थीम
विश्व शिक्षक दिवस के लिए इस वर्ष का विषय "शिक्षकों से शुरू होता है शिक्षा का परिवर्तन " ऱखा गया है। इस मौके पर यूनेस्को, आईएलओ और एजुकेशन इंटरनेशनल का एक संयुक्त संदेश जारी किया गया जो इस प्रकार है, "आज विश्व शिक्षक दिवस पर, हम शिक्षार्थियों की क्षमता के विस्तार में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका का जश्न मनाते हैं कि उनके पास स्वयं के लिए, दूसरों के लिए और ग्रह के लिए जिम्मेदारी लेने के लिए आवश्यक उपकरण हों। हम देशों से यह सुनिश्चित करने का आह्वान करते हैं कि शिक्षकों पर भरोसा किया जाए और उन्हें ज्ञान उत्पादक, चिंतनशील व्यवसायी और नीति भागीदार के रूप में मान्यता दी जाए। ”
इस मौके पर यूनेस्को के द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि, साल 2022 सितंबर में आयोजित ''ट्रांसफॉर्मिंग एजुकेशन समिट'' में की गई प्रतिबद्धताओं और कार्रवाई के लिए किए गए संकल्पों के अनुसार काम करेगा और शिक्षकों और शिक्षण के लिए इसके निहितार्थों का विश्लेषण करेगा।"
इस तरह हुआ विश्व शिक्षक दिवस मनाने का सिलसिला
साल 1994 में यूनेस्को/आईएलओ की एक अनुशंसा पर 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस मनाने की घोषणा की गई थी। यह अनुशंसा यूनेस्को द्वारा अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के सहयोग से पेरिस में आयोजित अंतर-सरकारी सम्मेलन का एक हिस्सा थी जिसके अंतर्गत शिक्षकों के योगदान और सम्मान को रेखांकित किया गया था। इस सिफारिश को अपनाने के बाद, संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस घोषित किया था।
डॉक्टर राधाकृष्णन का जन्मदिन है खास
अब बात करते हैं भारत की। एक तरफ भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है, वहीं ‘वर्ल्ड टीचर्स डे’ 5 अक्टूबर को मनाया जाता है। भारत में तो देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के तौर पर मनाया जाता है। आपको बता दें कि साल 1962, मई में डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने देश के दूसरे राष्ट्रपति के तौर पर पदभार संभाला था। इसस पहले वो देश के उप राष्ट्रपति थे और 5 साल पहले तक वो उप राष्ट्रपति रहे थे।
राधाकृष्णन के नाम पर ही क्यों सेलिब्रेट होता है शिक्षक दिवस?
डॉक्टर राधाकृष्णन का मानना था कि देश का भविष्य बच्चों के हाथों में है और उन्हें बेहतर इंसान बनाने में शिक्षकों का बड़ा योगदान है। वे शिक्षकों के योगदान को देश की तरक्की में अहम योगदान के रुप में देखते थे। कहा जाता है कि एक बार डॉक्टर राधाकृष्णन के मित्रों ने उनसे गुजारिश की कि वो उन्हें उनका जन्मदिवस मनाने की इजाजत दें। तब उन्होंने कहा था कि उनका जन्मदिन शिक्षकों के लिए समर्पित है। इसके बाद साल 1962 से हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
इस तरह से मनाया जाता है भारत और दुनिया में शिक्षक दिवस
शिक्षक दिवस को मनाने के लिए, भारत की ही तरह दुनिया भर के कई स्कूल शिक्षकों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं, या यहाँ तक कि शिक्षकों के लिए आराम के दिन भी आयोजित करते हैं। कुछ नीति निर्माता और शिक्षा विशेषज्ञ दुनिया भर के शिक्षकों द्वारा सामना की जा रही समस्याओं की पहचान करने के लिए सम्मेलनों और बैठकों का आयोजन करते हैं और इन मुद्दों के समाधान पर विचार-मंथन करने का प्रयास करते हैं। इस दिन का उपयोग गुणवत्ता वाले शिक्षकों के महत्व को उजागर करने और इस पेशे के भविष्य के उम्मीदवारों को मार्गदर्शन या प्रेरित करने के लिए भी किया जा सकता है।
भारत में शिक्षक दिवस के दिन राष्ट्रपति के द्वारा विशेष शिक्षकों को उनके खास योगदान के लिए सम्मानित भी किया जाता है।
Updated on:
05 Oct 2022 08:17 am
Published on:
04 Oct 2022 03:34 pm
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