
अमेरिका-ईरान में तनाव। (Photo-IANS)
US and Iran Talks: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची अमेरिका से साथ होने वाली नई दौर की अप्रत्यक्ष बातचीत में हिस्सा लेने के लिए जेनेवा के लिए रवाना हो गए हैं। अराघची ने जेनेवा रवाना होने से पहले एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि उनका देश गुरुवार को अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करेगा और वे न्यायसंगत और समान समझौता करने के संकल्प के साथ वार्ता में जाएंगे।
अराघची ने कहा कि दोनों पक्षों के पास एक ऐतिहासिक अवसर है कि वे एक ऐसा अभूतपूर्व समझौता करें, जो पारस्परिक चिंताओं का समाधान करे और साझा हितों की रक्षा करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि समझौता संभव है, बशर्ते कूटनीति को प्राथमिकता दी जाए। आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने कहा कि अमेरिका के प्रति सभी विकल्प खुले हैं, जिनमें गरिमा-आधारित कूटनीति और पछतावा पैदा करने वाली रक्षा शामिल हैं।
मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के टकराव को डिप्लोमेसी के जरिए सुलझाना पसंद करते हैं लेकिन एक बात पक्की है, मैं कभी ईरान को न्यूक्लियर हथियार रखने की इजाजत नहीं दूंगा। इसी बीच ईरान के उप विदेश मंत्री (राजनीतिक मामलों) मजिद तक़्त रावांची ने मंगलवार को कहा कि ईरान परमाणु समझौता हासिल करने के लिए जो भी जरूरी हो, करने के लिए तैयार है।
उन्होंने एनपीआर रेडियो को दिए इंटरव्यू में कहा, "हम समझौता करने के लिए जो भी आवश्यक होगा करेंगे। हम जिनेवा में पूरी ईमानदारी और सद्भावना के साथ वार्ता कक्ष में प्रवेश करेंगे।" रावांची ने आगे कहा, "हमें उम्मीद है कि हमारी सद्भावना और अच्छी पहल का अमेरिकी पक्ष से भी प्रत्युत्तर मिलेगा और यदि सभी पक्षों में राजनीतिक इच्छाशक्ति है, तो मुझे विश्वास है कि समझौता जल्द ही संभव है।"
Updated on:
26 Feb 2026 09:56 am
Published on:
26 Feb 2026 09:52 am
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