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पेटेंट दवाओं पर 100% टैरिफ लागू, ट्रंप ने किया बड़ा ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दवाओं पर 100% टैरिफ और धातुओं पर टैरिफ में कटौती का ऐलान किया।

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भारत

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Devika Chatraj

Apr 03, 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (ANI)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को दो जरूरी कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार की दिशा बदल सकते हैं। एक आदेश में आयातित पेटेंट वाली दवाओं पर 100% टैरिफ लगाया गया है, जबकि दूसरे में इस्पात, एल्युमीनियम और तांबे पर शुल्क प्रणाली में बदलाव किया गया है।

भारत समेत कई देशों की दवाओं पर लगेगा 100% टैरिफ

ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब केवल उन देशों से आयातित पेटेंट वाली दवाओं पर 100% टैरिफ लगेगा, जिनके साथ अमेरिका के रीशोरिंग समझौते या Most Favored Nation (MFN) मूल्य निर्धारण समझौते नहीं हैं। इसका मतलब है कि भारत सहित कई देशों से आने वाली दवाएं इस टैरिफ के दायरे में आएंगी।

रीशोरिंग क्या है?

रीशोरिंग का मतलब है कंपनियों द्वारा उत्पादन और निर्माण को अपने देश में वापस लाना। इसका उद्देश्य विदेशी निर्भरता कम करना, घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कदम महत्वपूर्ण दवाओं की आपूर्ति को सुरक्षित करने और अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने के लिए उठाया गया है।

100% टैरिफ सिर्फ पेटेंट वाली दवाओं पर

सरकारी सूत्रों के अनुसार केवल पेटेंट वाली दवाओं पर 100% कस्टम टैक्स लागू होगा। जेनेरिक दवाओं पर फिलहाल यह टैरिफ लागू नहीं होगा, लेकिन यदि जेनेरिक उद्योग अमेरिका में उत्पादन वापस नहीं लाता, तो नीति में बदलाव हो सकता है। केवल वही कंपनियां छूट पाएंगी जिन्हें रीशोरिंग योजना के लिए मंजूरी मिली हो।

इस्पात, एल्युमीनियम और तांबे पर बदलाव

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने Steel (इस्पात), Aluminum (एल्युमीनियम), Copper (तांबा) पर लागू राष्ट्रीय सुरक्षा शुल्क में भी बदलाव किया है। इसका उद्देश्य शुल्क प्रणाली को सरल बनाना, अनुचित मूल्य रिपोर्टिंग से बचना, अमेरिकी ग्राहकों द्वारा भुगतान किए गए वास्तविक मूल्य के आधार पर टैरिफ लगाना है।

क्या है नए नियम?

अमेरिका 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 232 के तहत 50% टैरिफ बनाए रखेगा, लेकिन अब यह आयात मूल्य के आधार पर होगा। स्पष्ट नहीं किया गया कि अमेरिकी बिक्री मूल्य कैसे तय और सत्यापित किया जाएगा। कुछ आयातक छिपे हुए मूल्यों का रिकॉर्ड करते थे ताकि टैरिफ कम लगे।

कौन से उत्पाद को टैरिफ से छूट मिलेगी?

यदि किसी उत्पाद में इस्पात, एल्युमीनियम या तांबे की मात्रा कुल वजन का 15% से कम है, तो उस पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। जैसे- एल्युमीनियम ढक्कन वाली इत्र की बोतल, स्टील ब्लेड वाला डेंटल फ्लॉस कंटेनर, अन्य हल्के धातु-युक्त उत्पाद।