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Trump ने G7 देशों से कहा, ‘भारत-चीन पर लगा दो 100% टैरिफ’, क्या ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देश उनकी बात मानेंगे?

Trump Tariff: ट्रंप ने भारत और चीन पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की बात की है। ट्रंप ने ईयू के बाद G7 से भी दोनों देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने को कहा है। ट्रंप आज G7 देशों के वित्त मंत्रियों से बात करने वाले हैं। पढ़ें पूरी खबर...

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Donald Trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo: IANS)

Trump Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने एक बार फिर भारत (India) पर टैरिफ लगाने की बात कही है। ट्रंप ने यूरोपीय यूनियन (EU) के बाद G7 समूह के देशों से भारत और चीन पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की बात कही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि जी7 (G7) देश भारत और चीन से रूसी तेल खरीद पर 50 से 100 प्रतिशत तक भारी टैरिफ लगाएं। वहीं, ट्रंप आज G7 देशों के वित्त मंत्री संग वर्चुअल मीटिंग करेंगे।

अमेरिकी ट्रेजरी के प्रवक्ता ने कहा कि चीन और भारत द्वारा खरीदा गया रूसी तेल, पुतिन की युद्ध मशीन को चला रहा है। इससे यूक्रेन युद्ध लंबा खींच रहा है। उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म होते ही ये टैरिफ हटा दिए जाएंगे। उन्होंने इसे अमेरिका की “पीस एंड प्रॉस्पेरिटी एडमिनिस्ट्रेशन” का अहम हिस्सा करार दिया है। अमेरिका का मानना है कि इन तरीकों के जरिए वह रूस को बातचीत की मेज पर ला सकता है।

G7 के देशों से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय यूनियन को भी यही सलाह दी थी। ट्रंप ने कहा कि ऐसा करने से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दवाब बढ़ेगा। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यूएसए तभी यह कदम उठाएगा, जब उसके यूरोपीय साझेदार उसका साथ देंगे, लेकिन EU ट्रंप की बातों से सहमत नहीं है। यूरोपीय यूनियन का मानना है कि इस कदम से भारत और चीन से जैसे बड़े देशों के साथ व्यापारिक रिश्ते बिगड़ जाएंगे। साथ ही, यह प्रतिशोध को भी जन्म देगा। ईयू इसके बजाए 2027 तक रूसी ऊर्जा पर अपनी निर्भरता खत्म करने और नए कड़े प्रतिबंध लगाने के पक्ष में है।

अगर 100 फीसदी टैरिफ लगा तो क्या होगा

भारत और चीन पर अमेरिका, EU और यूरोपीय यूनियन ने 100 फीसदी लगाए तो यह चुनौतीपूर्ण होगा, क्योंकि चीन और भारत की एनर्जी यानी कच्चे तेल की जरूरतें बहुत ज्यादा हैं। रूस सस्ते में तेल देता है। हाई टैरिफ लगने पर इन देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम और दूसरी चीजों के दाम बढ़ सकते हैं, जिससे आम आदमी और इकोनॉमी दोनों प्रभावित होंगी।

क्या ट्रंप की बात मानेंगे ब्रिटेन और फ्रांस ?

ब्रिटेन, फ्रांस और ईयू के लिए ट्रंप की बात मानना बेहद मुश्किल है। हाल ही में भारत और ब्रिटेन ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। वहीं, ईयू संग भी भारत की FTA को लेकर बातचीत जारी है। फ्रांस के लिए भी इतना बड़ा आर्थिक कदम उठाना चुनौती पूर्ण होगा। क्योंकि हाल के दिनों में भारत, फ्रांस का एक बड़ा सैन्य खरीददार बनकर उभरा है।