
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo- ANI)
Trump unhappy with India: पूर्व राजनयिक विकास स्वरूप ( Vikas Swaroop ) का कहना है कि अमेरिका ( America) भारत पर कृषि और डेयरी सेक्टर में ज़्यादा बाज़ार पहुंच की मांग कर रहा है, लेकिन भारत ने इस दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया है। व्यापार वार्ता में भारत का यह रुख ट्रंप प्रशासन (Trump Administration) को पसंद नहीं आया। स्वरूप का मानना है कि अमेरिका भारत ( India) को अपने अधिकतम हितों के लिए मनाने की रणनीति पर चल रहा है, लेकिन भारत ने आत्मनिर्भर रुख अपनाते हुए किसी भी तरह की नाजायज मांग नहीं मानी।
विकास स्वरूप ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत से इसलिए भी नाराज़ हैं, क्योंकि भारत BRICS समूह का हिस्सा है। ट्रंप को लगता है कि BRICS अमेरिका के खिलाफ एक गठबंधन है, जो डॉलर हटा कर अपनी वैकल्पिक मुद्रा बनाना चाहता है। ट्रंप का मानना है कि भारत को इस समूह से दूरी बनानी चाहिए थी, लेकिन भारत ने ऐसा नहीं किया।
एक और कारण जो ट्रंप की नाराज़गी का हिस्सा है, वह है भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष में उनकी "मध्यस्थता" को भारत की ओर से नकारा जाना। मई महीने में भारत ने ऑपरेशन "सिंदूर" के तहत पाकिस्तान पर आतंकवादी ठिकानों पर जवाबी हमला किया था। इसके बाद पाकिस्तान की ओर से युद्ध विराम की पहल की गई थी, जिसे भारत ने सीधे सैन्य स्तर पर बातचीत कर स्वीकार किया। अमेरिका ने दावा किया कि उसने इस तनाव को कम कराया, लेकिन भारत ने साफ किया कि कोई बाहरी मध्यस्थता नहीं हुई थी।
स्वरूप ने बताया कि ट्रंप ने कई बार सार्वजनिक रूप से यह कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध को रोका। पाकिस्तान ने उनकी भूमिका को स्वीकार भी किया और उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया, लेकिन भारत ने न तो उनकी कोई भूमिका मानी और न ही कोई समर्थन दिया। यही बात ट्रंप को खटक गई और वे भारत से खफा हो गए।
ट्रंप प्रशासन ने भारत के खिलाफ कुछ सामानों पर आयात शुल्क बढ़ा दिए थे। स्वरूप का कहना है कि यह केवल एक व्यापारिक निर्णय नहीं है, बल्कि भारत पर दबाव बनाने की कूटनीतिक रणनीति है। हालांकि, इससे अमेरिका में महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
बहरहाल पूर्व उच्चायुक्त विकास स्वरूप ने भारत की नीति की सराहना की कि देश ने अमेरिका के भारी दबाव के बावजूद अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्ते अब एक तात्कालिक, आर्थिक हितों पर आधारित गठजोड़ हैं, जबकि भारत और अमेरिका के संबंध रणनीतिक स्तर पर हैं।
Updated on:
14 Aug 2025 02:45 pm
Published on:
14 Aug 2025 02:44 pm
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