
Trump Visa Revocation 2026: ट्रंप का बड़ा वीजा एक्शन: 1.75 लाख से ज्यादा वीजा रद्द, भारतीय छात्रों और IT प्रोफेशनल्स पर बढ़ी चिंता (Photo- ANI)
Indian Students US Visa: अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने विदेशी नागरिकों के खिलाफ इमिग्रेशन कार्रवाई को और तेज कर दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अब तक 1.75 लाख से ज्यादा वीजा रद्द किए जा चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की है, जिनका नाम किसी आपराधिक मामले में सामने आया, जिन्होंने वीजा नियम तोड़े या अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा किया। इस कार्रवाई ने अमेरिका में रह रहे विदेशी नागरिकों, खासकर छात्रों और पेशेवरों, की चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अब तक 1,75,000 से अधिक विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द किए जा चुके हैं। मंत्रालय का कहना है कि यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ की गई, जिन्होंने वीजा की शर्तों का उल्लंघन किया, आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे, अमेरिकियों के खिलाफ हिंसा का समर्थन किया, धोखाधड़ी की या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा किया।
विदेश मंत्री मार्को रुबियो के नेतृत्व में विभाग लगातार वीजा धारकों की जांच और निगरानी बढ़ा रहा है। अमेरिकी सरकार का तर्क है कि देश में प्रवेश की अनुमति कोई स्थायी अधिकार नहीं, बल्कि नियमों और शर्तों से जुड़ी सुविधा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, वीजा रद्द करने के मामलों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी कानून-प्रवर्तन एजेंसियों से जुड़े मामलों की रही। इनमें प्रमुख रूप से शामिल है:
यानी कार्रवाई सिर्फ इमिग्रेशन नियम तोड़ने तक सीमित नहीं है। अमेरिकी प्रशासन आपराधिक रिकॉर्ड और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों को भी वीजा रद्द करने का आधार बना रहा है।
वीजा कार्रवाई का एक अलग पहलू बर्थ टूरिज्म यानी बच्चे को जन्म देने के लिए अमेरिका आने की व्यवस्था से जुड़ा है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि उत्तरी अफ्रीका स्थित एक अमेरिकी दूतावास ने ऐसे 100 से ज्यादा वीजा रद्द किए, जिनके बारे में विभाग का कहना था कि संबंधित माता-पिता मुख्य रूप से अमेरिका में बच्चे को जन्म देने के उद्देश्य से आए थे, ताकि बच्चे को अमेरिकी नागरिकता मिल सके।
यह मुद्दा लंबे समय से अमेरिकी इमिग्रेशन बहस का हिस्सा रहा है और ट्रंप प्रशासन इमिग्रेशन सिस्टम के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त रुख अपनाता रहा है।
अब H-1B कर्मचारियों के लिए नौकरी जाने के बाद मिलने वाले 60 दिन के ग्रेस पीरियड को खत्म करने का प्रस्ताव भी अमेरिकी प्रशासनिक समीक्षा में है। अभी यह अंतिम नियम नहीं है, लेकिन अगर प्रस्ताव लागू होता है तो नौकरी गंवाने वाले विदेशी कर्मचारियों के लिए अमेरिका में नई नौकरी तलाशना काफी मुश्किल हो सकता है।
इस पूरी नीति का भारत पर असर इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका में भारतीय छात्र और हाई-स्किल्ड प्रोफेशनल्स बड़ी संख्या में मौजूद हैं।
अमेरिकी इमिग्रेशन नीति में बदलाव का असर पढ़ाई, नौकरी बदलने, वीजा स्टेटस बनाए रखने और भविष्य में ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया तक पड़ सकता है।
इसके अलावा अगस्त 2026 के अमेरिकी वीजा बुलेटिन में रोजगार आधारित इमिग्रेशन की भारतीय श्रेणियों में अभी भी लंबा बैकलॉग दिखाई देता है। उदाहरण के लिए, EB-2 में भारत के लिए अंतिम कार्रवाई की तारीख 15 सितंबर 2014 और EB-3 में 1 जनवरी 2014 दी गई है। इससे साफ है कि भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए अमेरिका में स्थायी बसने का रास्ता पहले से ही लंबा है।
वीजा रद्द होने का सीधा मतलब है कि संबंधित व्यक्ति की अमेरिका की यात्रा के लिए जारी वीजा अनुमति खत्म हो जाती है। यह प्रक्रिया अमेरिकी नागरिकता छीनने यानी denaturalization से अलग है।
Denaturalization का मामला उन लोगों पर लागू होता है जो पहले ही अमेरिकी नागरिक बन चुके हैं। वहीं वीजा रद्द करने की कार्रवाई विदेशी नागरिकों के वीजा या अमेरिका में उनके इमिग्रेशन स्टेटस से जुड़ी होती है।
हालांकि हर मामले का कानूनी असर अलग हो सकता है और वीजा रद्द होना अपने आप में हर परिस्थिति में तत्काल निर्वासन का समानार्थी नहीं है।
Updated on:
11 Aug 2026 08:03 am
Published on:
11 Aug 2026 08:02 am
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