
ट्रंप ने डेमोक्रेट उम्मीदवारों पर साधा निशाना (फोटो सोर्स- ANI)
Trump Jihadi Comment: अमेरिका में जल्द ही चुनाव होने वाले हैं। इसको लेकर रिपब्लिकन पार्टी के नेता डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने विरोधी उम्मीदवारों की तुलना 'जिहादियों' और 'साम्यवादियों' से कर दी। उनके इस विवादित बयान के बाद अमेरिकी राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
पत्रकारों ने जब ट्रंप से चुनावों में प्रत्याशियों के समर्थन और विरोधी दल को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने कहा कि देश में एक खतरनाक प्रवृत्ति देखने को मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी राजनीति में हर तरफ जिहादी और साम्यवादी मानसिकता के लोग आगे आ रहे हैं। ट्रंप ने खुलासा किया कि उनके एक दोस्त ने उन्हें इस तरह की विचारधारा के खिलाफ स्पष्ट रूप से 'जिहादी' शब्द का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। ट्रंप ने आरोप लगाते हुए कहा कि विरोधी उम्मीदवारों का यह कट्टरपंथ और पागलपन अमेरिका की व्यवस्था के खिलाफ है, वहीं सुप्रीम कोर्ट और सीनेट पर उनके द्वारा उठाई जा रही आपत्तियां पूरी तरह बेवकूफी भरी हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में बाहर से आकर बसे प्रवासियों पर भी अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने खास तौर पर सोमाली समुदाय का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग खुद असफल देशों से आए हैं, वे अब अमेरिका में आकर यहां के लोगों को देश चलाना सिखा रहे हैं। ट्रंप के मुताबिक, ऐसे लोगों में सही समझ नहीं है और वे बिना वजह व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। उनके इस बयान से प्रवासी समुदायों के बीच काफी नाराजगी है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर मिशिगन सीनेट के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल एल-सैयद के खिलाफ कई पोस्ट शेयर किए। उन्होंने एक तस्वीर साझा की जिसमें एल-सैयद को हिजाब पहनी महिलाओं के सामने दिखाया गया था और साथ ही यह संदेश लिखा गया था कि ये लोग आम नागरिकों के घर और सामान पर कब्जा करने आ रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने अपनी और अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप की फोटो के साथ एल-सैयद और उनकी पत्नी का कोलाज बनाकर 'दो अलग अमेरिका' का संदेश दिया। इस आक्रामक प्रचार पर पलटवार करते हुए अब्दुल एल-सैयद ने कहा कि ट्रंप केवल विभाजन और नफरत का फायदा उठाकर जनता का ध्यान भटकाना चाहते हैं, जबकि वे वास्तव में जनता के अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मुस्लिम नेताओं के खिलाफ बयानबाजी में ट्रंप अकेले नहीं हैं, बल्कि उनकी पार्टी के अन्य नेता भी इसमें शामिल हैं। अलबामा के सीनेटर टॉमी ट्यूबरविल ने सोशल मीडिया पर एल-सैयद को बेहद कट्टरपंथी बताते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बताया। इसी तरह दक्षिण कैरोलिना की प्रतिनिधि नैन्सी मेस ने भी सार्वजनिक पदों पर बैठे मुस्लिम प्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियां की।
Updated on:
11 Aug 2026 12:48 pm
Published on:
11 Aug 2026 12:42 pm
