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सऊदी अरब को बचाने के लिए खुलकर आगे आया ब्रिटेन, हूती हमलों का जवाब देने के लिए भेज रहा लड़ाकू विमान

Houthi attacks Saudi Arabia: सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों के बीच ब्रिटेन ने टाइफून लड़ाकू विमान भेजने का फैसला लिया है। साथ ही, ब्रिटेन ने सैन्य सलाहकार भी भेजने की बात कही है।
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भारत

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Mukul Kumar

•

Oct 20, 2026

fighter jet

फाइटर जेट। (फाइल फोटो- ANI)

सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों के बीच ब्रिटेन ने बड़ा कदम उठाया है। सऊदी अरब को बचाने के लिए ब्रिटेन ने अपनी सैन्य मदद बढ़ाने का निर्णय लिया है।

नए फैसले के तहत, ब्रिटिश वायुसेना यानी रॉयल एयर फोर्स (आरएएफ) के लड़ाकू विमान अब सऊदी अरब के शहरों और अहम ठिकानों को हवाई हमलों से बचाने के लिए रक्षात्मक मिशन पर तैनात किए जाएंगे।

सैन्य सलाहकार भी भेजेगा ब्रिटेन

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन इस अभियान में टाइफून लड़ाकू विमानों के साथ परिवहन विमान और सैन्य सलाहकार भी भेजेगा। बता दें कि यमन में हूती विद्रोहियों का हमला बढ़ता जा रहा है।

हालात की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यमन में सोमवार को सरकारी सुरक्षा बलों के एक ट्रेनिंग कैंप पर हुए हमले में 58 लोगों की मौत हो गई।

ब्रिटेन का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया

हालांकि, ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने इस तैनाती को लेकर पूछे गए सवालों का तत्काल कोई जवाब नहीं दिया है। इसलिए मिशन की शुरुआत और विमानों की संख्या से जुड़ी सभी जानकारियां अभी सार्वजनिक नहीं हुई हैं।

बता दें कि सऊदी अरब को ब्रिटेन की ओर से यह मदद ऐसे समय मिल रही है, जब दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पहले से बढ़ रहा है। सितंबर में भी ब्रिटेन ने हूती हमलों के तेज होने के बाद सऊदी अरब को अतिरिक्त सैन्य सहायता देने की घोषणा की थी।

सितंबर में वॉयजर विमान उपलब्ध कराने की बात थी

सितंबर में ब्रिटेन की ओर से सऊदी अरब को आरएएफ वॉयजर विमान उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। यह विमान हवा में ही दूसरे विमानों में ईंधन भरने का काम करता है। इससे लड़ाकू विमानों को लंबे समय तक हवा में रहने और दूर तक अभियान चलाने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, सितंबर में की गई घोषणा में लड़ाकू विमानों को सीधे सऊदी अरब की रक्षा के लिए भेजने की बात शामिल नहीं थी। अब टाइफून विमानों की तैनाती की खबर से संकेत मिलता है कि ब्रिटेन की भूमिका पहले के मुकाबले अधिक सक्रिय हो सकती है।

हूती हमलों से क्यों बढ़ रही है चिंता?

यमन में सक्रिय हूती विद्रोही लंबे समय से सऊदी अरब और क्षेत्र के दूसरे देशों के लिए सुरक्षा चुनौती बने हुए हैं। हाल के हफ्तों में सऊदी अरब पर उनके हमलों में तेजी आने से क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

ईरान समर्थित हूती समूह के हमलों से शहरों, सैन्य ठिकानों और जरूरी बुनियादी ढांचे को खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में हवाई सुरक्षा मजबूत करना सऊदी अरब के लिए अहम हो गया है।