
Keir Starmer and Benjamin Netanyahu (Photo - Jewish Journal on social media)
इज़रायल (Israel) और फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास (Hamas) के बीच जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है। दुनियाभर के देश इस जंग को रोकने की अपील कर रहे हैं, लेकिन इसका फायदा नहीं हो रहा है। इसी बीच यूके (UK) के पीएम कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है। स्टार्मर ने कहा है कि यूके, सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में फिलिस्तीन को आधिकारिक रूप से मान्यता देगा। कुछ दिन पहले ही फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) ने भी सितंबर में फिलिस्तीन को मान्यता देने की घोषणा की थी।
स्टार्मर ने इज़रायल के सामने शर्त रखी है कि अगर वो युद्ध को रोककर गाज़ा में मानवीय स्थिति को सुधारने और दीर्घकालीन शांति प्रक्रिया को स्थापित करने के लिए सहमत नहीं होता, तो यूके की तरफ से सितंबर में फिलिस्तीन को आधिकारिक रूप से मान्यता दी जाएगी।
स्टार्मर ने यह भी साफ कर दिया कि फिलिस्तीन को मान्यता देने का मतलब हमास को समर्थन देना नहीं है। इसके साथ ही स्टार्मर ने उन्होंने हमास से बंधकों को रिहा करने, युद्धविराम स्वीकार करने और गाज़ा के शासन में कोई भूमिका न लेने की मांग भी की।
स्टार्मर की इस घोषणा से इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू नाराज़ हो गए हैं। उन्होंने कहा है कि अगर यूके ऐसा करता है, तो इसके बुरे परिणाम होंगे। साथ ही नेतन्याहू ने यह भी कहा है कि यूके का यह कदम हमास को पुरस्कृत करने जैसा है।
Updated on:
30 Jul 2025 02:15 pm
Published on:
30 Jul 2025 02:15 pm
