
ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी (Photo-IANS)
Negotiations: पश्चिम एशिया में जारी तनाव को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए पर्दे के पीछे एक बड़ी कूटनीतिक हलचल शुरू हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक , अमेरिका ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को एक नया युद्धविराम प्रस्ताव भेजा है। ईरान इस प्रस्ताव पर विचार तो कर रहा है, लेकिन वाशिंगटन और तेहरान के पुराने मतभेदों के कारण अभी तक कोई आधिकारिक सहमति नहीं बन पाई है। इस बीच मध्यस्थ देश दोनों पक्षों की शर्तों के बीच की दूरी पाटने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान की भूमिका बहुत संदिग्ध नजर आ रही है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की ईरान यात्रा इसी समझौते पर टिकी हुई है। अगर ईरान अमेरिकी प्रस्ताव को स्वीकार करता है, तभी मुनीर तेहरान जाएंगे। इजरायली मीडिया का दावा है कि पाकिस्तान का यह शांति प्रयास निस्वार्थ नहीं है, बल्कि वह अपने देश में जारी भयंकर आर्थिक कंगाली से बाहर निकलने के लिए इस डील को लॉक करना चाहता है। समझौते के तहत पाकिस्तान ईरान की मदद करेगा और बदले में प्रतिबंध हटने के बाद ईरान से मिलने वाले भारी फंड के जरिये अपना विदेशी कर्ज चुकाएगा।
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बघाई ने साफ किया है कि वे अमेरिका को "गहरे संदेह" से देखने के बावजूद "सद्भावना" के साथ बातचीत की मेज पर हैं। ईरान ने अपने 14-सूत्रीय प्रस्ताव पर अमेरिकी जवाब की समीक्षा शुरू कर दी है। ईरान की मुख्य मांगों में उसकी जब्त संपत्तियों को मुक्त करना और ईरानी जहाजों पर हो रहे हमलों को रोकना शामिल है। बघाई ने किसी भी अमेरिकी डेडलाइन को खारिज करते हुए कहा कि ईरान अपने सशस्त्र बलों की निगरानी में केवल अपने राष्ट्रीय हितों के लिए काम करेगा। इस बीच पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी लगातार तेहरान के दौरे कर रहे हैं और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से इस पर लंबी चर्चा हुई है। (इनपुट: ANI)
Published on:
21 May 2026 03:05 pm
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