
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मेलोनी। (फोटो: ANI)
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों के दौरें के बाद भारत लौट आए है। पांच देशों की इस यात्रा में पीएम का इटली जाना काफी चर्चा में रहा। इटली दौरे के दौरान पीएम मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात ने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा। पीएम मोदी मेलोनी के लिए मेलोडी टॉफी का पैकेट लेकर गए जिसने काफी सुर्खियां बटोरी। लेकिन पीएम सिर्फ यह टॉफी ही नहीं बल्कि इटली की पीएम के लिए भारत की विरासत से जुड़े कुछ अन्य खास तोह्फे भी लेकर गए थे। आइए जानते है पीएम मोदी ने मेलोनी को क्या खास चीजें भेंट की और उनकी विशेषता क्या है।
पीएम ने अपने दौरें के दौरान प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ-साथ राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला को मुगा सिल्क शॉल, शिरुई लिली स्टोल और संगमरमर से बना इनले वर्क बॉक्स उपहार में दिया। इन गिफ्ट्स को भारत की सांस्कृतिक पहचान और सॉफ्ट पावर के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। कूटनीतिक स्तर पर भी इन उपहारों को दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी को असम की प्रसिद्ध मुगा सिल्क शॉल भेंट की। मुगा सिल्क को गोल्डन सिल्क के नाम से भी जाना जाता है और यह अपनी प्राकृतिक सुनहरी चमक के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यह खास सिल्क ब्रह्मपुत्र घाटी में तैयार होती है और बिना कृत्रिम रंगों के बनाई जाती है। इसकी मजबूती और लंबे समय तक बनी रहने वाली चमक इसे बेहद खास बनाती है। भारतीय टेक्सटाइल विरासत का यह प्रतीक इटली की लग्जरी फैशन और डिजाइन परंपरा से भी जुडा माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मेलोनी को शिरुई लिली से प्रेरित सिल्क स्टोल भी उपहार में दिया। शिरुई लिली मणिपुर का दुर्लभ फूल है, जो केवल वहां की पहाडियों में पाया जाता है। स्थानीय समुदाय इसे सम्मान, शुद्धता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक मानता है। स्टोल का डिजाइन पूर्वोत्तर भारत की पारंपरिक कला और हिमालयी शिल्पकला को दर्शाता है। खास बात यह है कि इटली में भी लिली फूल को पवित्रता और कलात्मक सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है। यही सांस्कृतिक समानता इस उपहार को और खास बनाती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला को आगरा की पच्चीकारी कला से तैयार संगमरमर का इनले वर्क बॉक्स भेंट किया। इस डिब्बे में कीमती पत्थरों की नक्काशी की गई थी। बॉक्स के भीतर पंडित भीमसेन जोशी और एम एस सुब्बुलक्ष्मी की शास्त्रीय संगीत रिकॉर्डिंग भी रखी गईं। यह उपहार भारतीय संगीत, कला और ऐतिहासिक विरासत का अनोखा संगम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे सांस्कृतिक उपहार दुनिया में भारत की सकारात्मक छवि को और मजबूत करते हैं।
Updated on:
21 May 2026, 1:51 PM IST
Published on:
21 May 2026, 1:51 PM IST
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