
Iran-Israel-America War(AI Image-ChatGpt)
US-Iran-War: मिडिल ईस्ट में लंबे समय से चल रहा तनाव अब और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियां क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौती बन गई हैं। इसी बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अगर युद्ध जारी रहता है तो वह अपनी नई सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन करेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब कूटनीतिक प्रयास विफल होते नजर आ रहे हैं और समुद्री मार्गों पर भी तनाव तेजी से बढ़ रहा है।
IRGC के प्रवक्ता हुसैन मोहब्बी सईद ने कहा कि देश ने अभी तक अपनी पूरी सैन्य ताकत का इस्तेमाल नहीं किया है। उनका बयान था कि अगर युद्ध जारी रहता है तो ऐसी क्षमताएं सामने लाई जाएंगी जिनका दुश्मन को कोई अंदाजा नहीं है। इस बयान को क्षेत्र में शक्ति प्रदर्शन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। ईरान लगातार अपने मिसाइल सिस्टम, ड्रोन तकनीक और आधुनिक हथियारों को मजबूत करने में लगा हुआ है, जिससे उसकी आक्रामक और रक्षात्मक दोनों क्षमताएं बढ़ी हैं।
ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेजा तलाएनिक ने बताया कि देश की सैन्य क्षमताएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मिसाइल, ड्रोन, हथियार और गोला-बारूद के साथ सेना भविष्य में किसी भी ऑपरेशन के लिए तैयार है। इससे साफ है कि ईरान न केवल अपनी रक्षा बल्कि संभावित जवाबी कार्रवाई के लिए भी पूरी तरह तैयार है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका भी ईरान को घातक परिणाम भुगतने की चेतावनी दे चुका है। हाल ही में अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की नाकाबंदी के लिए कम से कम 15 युद्धपोत तैनात किए है जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई ईरानी जहाज अमेरिकी नाकाबंदी के करीब आता है तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की नौसेना को भारी नुकसान पहुंच चुका है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस कार्रवाई को को वैश्विक अर्थव्यवस्था के खिलाफ बताया है। इस तरह के बयानों से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर दोनों पक्ष पीछे नहीं हटे तो यह टकराव बड़े युद्ध में बदल सकता है।
Published on:
14 Apr 2026 09:35 am
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