
Joe BIden with Ulf Kristersson
स्वीडन (Sweden) का लंबा इंतज़ार खत्म हो गया है। पढ़कर मन में सवाल आना स्वभाविक है कि किस वजह से स्वीडन का लंबा इंतज़ार खत्म हो गया है? दरअसल स्वीडन अब नाटो (NATO - North Atlantic Treaty Organization) में शामिल हो गया है। स्वीडन के नाटो में शामिल होने के बाद यह अब 32 देशों का एक ऐसा ग्रुप है जिसमें 30 यूरोपीय देश और 2 नॉर्थ अमेरिकी देश शामिल हैं। नाटो के सभी मेंबर देश सैन्य मामलों में एक-दूसरे की मदद करते हैं। इसका सबसे ज़्यादा फायदा नाटो में शामिल छोटे देशों को मिलता है। स्वीडन के नाटो में शामिल होने से नाटो में अब 32 सदस्य देश हो गए हैं। स्वीडन के नाटो में शामिल होने पर नाटो के अधिकारी और सदस्य देशों के लीडर्स भी स्वीडन का नाटो में स्वागत कर रहे हैं और इनमें अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति भी शामिल हैं।
सुरक्षा हुई पहले से ज़्यादा मज़बूत
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) ने सोशल मीडिया पर लिखा, "आज मैं नाटो के 32वें सहयोगी के रूप में स्वीडन का स्वागत करते हुए सम्मानित महसूस कर रहा हूं। 75 साल पहले जब नाटो की स्थापना हुई थी, तब राष्ट्रपति ट्रूमैन (अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन) ने कहा था कि नाटो गठबंधन आक्रामकता और आक्रामकता के डर के खिलाफ एक ढाल तैयार करेगा। ऐसे में वो ढाल और ट्रान्साटलांटिक सुरक्षा अब पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत हो गई है।"
स्वीडिश पीएम ने दिया धन्यवाद
स्वीडिश पीएम उल्फ क्रिस्टर्सन (Ulf Kristersson) ने सोशल मीडिया पर, लिखा "स्वीडन अब नाटो का सदस्य है। 32वें सदस्य के रूप में स्वीडन का स्वागत करने के लिए नाटो के सभी सहयोगियों का धन्यवाद। हम एकता, एकजुटता और बोझ-बंटवारे के लिए प्रयास करेंगे, और वॉशिंगटन संधि के मूल्यों, स्वतंत्रता, लोकतंत्र, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और कानून के शासन का पूरी तरह से पालन करेंगे। एक साथ हम सभी और मजबूत हैं।"
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Published on:
08 Mar 2024 11:51 am
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