22 जुलाई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

epaper_icon

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

अमेरिका-सऊदी अरब परमाणु समझौते को ट्रंप प्रशासन की मंजूरी, यूरेनियम संवर्धन की राह हुई आसान

US-Saudi Arabia nuclear deal: अमेरिका और सऊदी अरब के बीच परमाणु समझौते को ट्रंप प्रशासन की मंजूरी मिल गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस डील के तहत सऊदी अरब को नागरिक परमाणु कार्यक्रम के लिए यूरेनियम संवर्धन की अनुमति मिल गई है।
2 min read
Google source verification
Donald Trump approves US-Saudi nuclear deal.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo- IANS)

US-Saudi Arabia nuclear agreement: अमेरिका और सऊदी अरब के बीच परमाणु समझौता हुआ है। ट्रंप प्रशासन ने इस समझौते के तहत सऊदी अरब को उसके नागरिक (सिविल) परमाणु कार्यक्रम के लिए यूरेनियम संवर्धन की अनुमति दे दी है। इस संबंध में जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। दोनों देशों के बीच यह समझौता 30 वर्षों के लिए होने की उम्मीद है और इसे अमेरिकी कंपनियों की भागीदारी से विकसित किया जाएगा।

ट्रंप प्रशासन को करना पड़ सकता है विरोध का सामना

अमेरिका और सऊदी अरब के बीच हुए इस समझौते को कांग्रेस की समीक्षा के लिए भेजा जाएगा। इसे सांसदों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। कई सांसदों को आशंका है कि सऊदी अरब को अपने यूरेनियम का स्वयं संवर्धन करने की अनुमति देने से परमाणु प्रसार और हथियारों की नई प्रतिस्पर्धा शुरू हो सकती है।

IAEA के अतिरिक्त प्रोटोकॉल से मिलेगी छूट?

सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) का सदस्य है। वियना स्थित यह संस्था शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रमों को बढ़ावा देती है। साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण भी करती है कि कोई देश गुप्त रूप से परमाणु हथियार कार्यक्रम नहीं चला रहा है। हालांकि, इस समझौते में IAEA के अतिरिक्त प्रोटोकॉल को शामिल किए जाने की संभावना नहीं है। इस प्रोटोकॉल के तहत अधिक निगरानी, निरीक्षण और सत्यापन की व्यवस्था होती है।

दोनों देशों ने फैसले पर नहीं की कोई टिप्पणी

डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ समझौते को मंजूरी ऐसे वक्त में दी है, जब अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध चलाया जा रहा है। इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य तेहरान की परमाणु हथियार विकसित करने की क्षमता को खत्म करना बताया गया है। वहीं ईरान यह कहता रहा है कि उसका यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।

व्हाइट हाउस और रियाद स्थित सऊदी अधिकारियों ने इस फैसले पर टिप्पणी के अनुरोध का तत्काल कोई जवाब नहीं दिया। इस समझौते की खबर सबसे पहले 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने प्रकाशित की थी। डोनाल्ड ट्रंप और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन दोनों ने ही सऊदी अरब के साथ ऐसा परमाणु समझौता करने की कोशिश की थी, जिसके तहत अमेरिका अपनी परमाणु तकनीक साझा कर सके।