
PM Narendra Modi and Shehbaz Sharif
भारत (India) और पाकिस्तान (Pakistan) एक-दूसरे के पडोसी देश हैं पर दोनों के बीच संबंध कैसे है यह बात शायद ही किसी से छिपी है। भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से अलग-अलग मुद्दों पर तकरार रही है पर पिछले कुछ साल में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में तनाव बढ़ गया है। भारत और पाकिस्तान के बीच सामान्य पड़ोसी देशों जैसे संबंध भी नहीं हैं। पाकिस्तान का आतंकवाद को बढ़ावा देना उसके भारत से द्विपक्षीय संबंधों में दरार की मुख्य वजह बना। वहीं 2019 में भारत सरकार के जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir) के लिए लंबे समय से चले आ रहे आर्टिकल 370 और 35 ए को हटाने के बाद से भी दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में खटास आ गई। पर हाल ही में पाकिस्तानी पीएम शहबाज़ शरीफ (Shehbaz Sharif) ने भारत से संबंधों में सुधार के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Of India Narendra Modi) से वार्ता की इच्छा जताई थी।
पाकिस्तानी पीएम की पेशकश
पाकिस्तानी पीएम ने हाल ही में भारतीय पीएम के सामने वार्ता की पेशकश की। शहबाज़ ने बताया कि लंबे समय से दोनों देशों के बीच चल रहे विवाद को खत्म करने के लिए वह पीएम मोदी से मिलना चाहेंगे।
अमरीका की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान की भारत से वार्ता की इच्छा जताने पर अमरीका की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। अमरीकी सरकार के विदेश मंत्रालय के विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा ही भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे संवाद का समर्थन किया है और अभी भी दोनों देशों के बीच सीधे संवाद को अपना समर्थन दिया।
भारत का क्या है रवैया
भारत हमेशा से ही पाकिस्तान से अपने संबधों के लिए आगे रहा है। लेकिन भारत के खिलाफ पाकिस्तान की गतिविधियों को अंजाम देखने की घटनाएं पुरानी नहीं हैं। साथ ही भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर (S. jaishankar) पहले ही कुछ चुके हैं कि जब तक पाकिस्तान अपनी आतंकवाद की नीति को खत्म नहीं करता तब तक भारत के लिए उसके साथ सामान्य संबंध रखना मुश्किल है।
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Published on:
03 Aug 2023 12:07 pm
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