
Donald Trump (Photo - Washington Post)
US Soldiers Casualties: ईरान पर अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई का आज 18वां दिन है। इस संघर्ष के जल्द समाप्त होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में इस युद्ध में कितने अमेरिकी सैनिक मारे गए और कितने घायल हुए और कितनों की हालत गंभीर है, इसकी जानकारी खुद अमेरिका ने दी है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि ईरान के खिलाफ 28 फरवरी से शुरू हुए 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) के बाद सात देशों में तैनात लगभग 200 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। इनमें से अधिकांश मामूली रूप से घायल थे और 180 से अधिक सैनिक ड्यूटी पर लौट आए हैं। वहीं, करीब 10 अमेरिकी सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। युद्ध शुरू होने से अब तक 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ये घायल सैनिक बहरीन, इराक, इजरायल, जॉर्डन, कुवैत, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में थे।
अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान के साथ कोई समझौते के संकेत नहीं मिल रहे हैं। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप बार-बार दावा कर रहे हैं कि ईरान युद्ध समाप्त करना चाहता है, लेकिन अमेरिका बेहतर शर्तों पर जोर दे रहा है। ट्रंप की इन बातों से संकेत मिलता है कि पश्चिम एशिया (मिडिल-ईस्ट) में तनाव अभी कम होने वाला नहीं है। इसके साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मसला भी अभी सुलझता नहीं दिख रहा है।
इसी बीच, ईरानी विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने दावा किया कि ईरान ने कभी युद्धविराम या बातचीत की मांग नहीं की। उन्होंने कहा कि अमेरिका से बातचीत करने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि जब वे बातचीत के लिए तैयार थे, उस समय अमेरिका ने हमला करने का निर्णय लिया। उन्होंने यह भी कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान उन देशों से बातचीत करने के लिए तैयार है, जो इस मार्ग से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना चाहते हैं। कई देशों ने इस उद्देश्य के लिए ईरान से संपर्क भी किया है।
Updated on:
17 Mar 2026 09:08 am
Published on:
17 Mar 2026 09:01 am
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