
Volodymyr Zelenskyy (Photo - Washington Post)
Volodymyr Zelenskyy on Middle East: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। अपनी यूनाइटेड किंगडम की यात्रा के दौरान ब्रिटिश संसद को संबोधित करते हुए जेलेंस्की ने पुष्टि की कि लगभग 200 यूक्रेनी वायु रक्षा विशेषज्ञ इस समय मध्य पूर्व में तैनात हैं। ये विशेषज्ञ विशेष रूप से ईरानी ड्रोनों के बढ़ते खतरों और हमलों का मुकाबला करने के लिए मित्र देशों की सहायता कर रहे हैं। जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि आधुनिक युद्ध में कम लागत वाले हमलावर ड्रोनों ने युद्ध की पूरी प्रकृति को बदल दिया है, जिससे निपटने के लिए यूक्रेन के पास अब जमीनी अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता मौजूद है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ड्रोन युद्ध के आर्थिक पक्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि एक ईरानी ड्रोन की लागत मात्र 50,000 डॉलर है, जबकि अमेरिका और उसके सहयोगी उन्हें गिराने के लिए लगभग 4 मिलियन डॉलर मूल्य की मिसाइलों का उपयोग कर रहे हैं। इस भारी लागत अंतर को देखते हुए यूक्रेन ने एक 'लेयर्ड डिफेंस' प्रणाली विकसित की है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, हेलीकॉप्टर, संशोधित मालवाहक विमान और भारी मशीनगनों का उपयोग शामिल है। जेलेंस्की ने प्रस्ताव दिया कि यूक्रेन प्रतिदिन लगभग 2,000 इंटरसेप्टर ड्रोन बनाने में सक्षम है और वह अपनी आधी उत्पादन क्षमता मित्र देशों को देने के लिए तैयार है।
मध्य पूर्व में स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अपने सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी और बासिज बल के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी के मारे जाने की पुष्टि की है। इस बीच, इजरायली सेना ने बेरूत और तेहरान में नए हवाई हमले किए हैं। इराक की राजधानी बगदाद के ग्रीन जोन स्थित अमेरिकी दूतावास के पास भी कई विस्फोटों की खबरें हैं। इसके साथ ही कतर, सऊदी अरब, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात ने भी मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने की जानकारी दी है।
ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका में प्रशासनिक उथल-पुथल भी देखी जा रही है। नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर के निदेशक जो केंट ने ईरान पर युद्ध का विरोध करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। केंट का तर्क है कि ईरान से कोई आसन्न खतरा नहीं था। उधर, जेलेंस्की ने रूस और ईरान के गठबंधन पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि दोनों शासन 'नफरत के भाई' हैं और इसीलिए हथियारों के लेन-देन में भी भागीदार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नफरत पर आधारित इन सत्ताओं को कभी जीतने नहीं दिया जाना चाहिए।
Published on:
18 Mar 2026 06:37 am
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
