23 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दुनियाभर में पैदा हो सकता है दशकों का सबसे गंभीर ऊर्जा संकट, IEA चीफ ने दी चेतावनी

Global Energy Crisis: इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के चीफ ने दुनियाभर के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है। क्या है यह चेतावनी? आइए जानते हैं।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Tanay Mishra

Mar 23, 2026

Energy crisis

Energy crisis (Photo - Washington Post)

ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध (Iran-US Israel War) की वजह से मिडिल ईस्ट (Middle East) में काफी गंभीर स्थिति चल रही है। पिछले 23 दिन से चल रहे इस युद्ध का आज 24वां दिन है। दोनों पक्ष ही सीज़फायर के लिए तैयार नहीं हैं। अमेरिका और इज़रायल की तरफ से ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं, तो ईरान की तरफ से भी इज़रायल और मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले किए जा रहे हैं। इस युद्ध की वजह से दुनियाभर में गंभीर ऊर्जा संकट (Energy Crisis) भी पैदा हो गया है।

दुनियाभर में पैदा हो सकता है दशकों का सबसे गंभीर ऊर्जा संकट

युद्ध के बीच अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी - आईईए (International Energy Agency - IEA) के चीफ फातिह बिरोल (Fatih Birol) ने एक बड़ी चेतावनी दी है। बिरोल ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे इस युद्ध के कारण दुनिया को दशकों में सबसे गंभीर ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ सकता है। बिरोल ने इस युद्ध को इतिहास की सबसे बड़ी वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा चुनौती बताया है।

ऊर्जा ढांचों पर किए जा रहे हैं हमले

अमेरिका और इज़रायल की तरफ से ईरान के ऊर्जा ढांचों पर हमले किए जा रहे हैं, जिसके जवाब में ईरान भी मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों के ऊर्जा ढांचों पर ड्रोन्स और मिसाइलें दाग रहा है। इससे मिडिल ईस्ट में ऊर्जा सुविधाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। मिडिल ईस्ट में तेल और गैस के उत्पादन और सप्लाई में इस युद्ध की वजह से भारी गिरावट आई है। कई देशों से तेल-गैस निर्यात रुक गया है। तेल की कीमत लगातार बढ़ रही है। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर पाबंदियों की वजह से कई देशों के तेल-गैस से लदे जहाज़ों को इस रास्ते से गुज़रने नहीं दिया जा रहा है।

युद्ध खत्म नहीं होने पर होंगे गंभीर परिणाम

बिरोल ने कहा है कि अगर यह युद्ध खत्म नहीं हुआ, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। कई देशों में अभी से इसके परिणाम दिखने शुरू हो गए हैं जो समय के साथ और गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में जल्द से जल्द इस युद्ध को रोकने की अपील की जा रही है।