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दिन में हो जाएगी रात… दुनिया पूछेगी कहां गया सूरज? सदी के सबसे लंबे सूर्य ग्रहण की डेट आई सामने

Solar eclipse duration 6 minutes: सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जिसे लेकर लोगों में उत्सुकता बनी रहती है। 2027 में इस अनोखी घटना का गवाह बनने का एक बेहद शानदार मौका मिलने वाला है।

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Total solar eclipse August 2, 2027

सूर्य ग्रहण दुनिया के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। (PC:AI)

Longest solar eclipse of the century: सूर्य ग्रहण आमतौर पर 2 या तीन मिनट के होते हैं, लेकिन इतनी सी देर में ही ऐसा लगता है जैसा सब कुछ अंधेरे में डूब गया है। पक्षी-जानवरों का व्यवहार बदल जाता है। हवा में एक अजीब ठंड घुल जाती है। कल्पना कीजिए अगर ये 2-3 मिनट बढ़कर 6 मिनट हो जाएं तो क्या होगा? जल्द ही कुदरत आपको इस कल्पना को हकीकत में महसूस करने का अवसर देने जा रही है। सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण पड़ने वाला है और यह छह मिनट से अधिक का होगा। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने इसकी डेट भी बता दी है।

2027 के बाद कब?

सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण 2 अगस्त, 2027 को पड़ेगा। यह सूर्य ग्रहण करीब 6 मिनट और 23 सेकंड लंबा होगा। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह से सूर्य को ढक लेगा और दिन में ही रात हो जाएगी। हालांकि, इस अद्भुत खगोलीय घटना का गवाह पूरी दुनिया नहीं बनेगी। सूर्य ग्रहण दुनिया के केवल कुछ हिस्सों में ही दिखाई देगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2027 में होने वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण होगा। 1991 के बाद यह पहली बार होगा जब इतनी देर तक चंद्रमा सूर्य को अपने आगोश में समा लेगा। इसके बाद वर्ष 2186 में भी छह मिनट से लंबा सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। c-astonhair के अनुसार, जुलाई 2186 में भी छह मिनट से अधिक का सूर्य ग्रहण लगेगा।

क्या भारत में देखेगा?

2027 में पड़ने वाला सूर्य ग्रहण पृथ्वी की सतह के करीब 15,227 किलोमीटर के हिस्से को कवर करेगा। स्पेन, जिब्राल्टर, मोरक्को,अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, लीबिया, मिस्र, सूडान, सऊदी अरब, यमन और सोमालिया सहित कुल 11 देशों में इसका प्रभाव दिखाई देगा। हालांकि, यहां भी केवल कुछ हिस्सों में ही यह नजर आएगा। जहां तक भारत की बात है, तो यहां पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा। पश्चिमी क्षेत्र जैसे गुजरात और महाराष्ट्र में 15:34 IST और 17:53 IST के बीच आंशिक रूप से दिखाई देगा। जहां पूर्ण सूर्य ग्रहण नजर आएगा, वहां 6 मिनट से अधिक समय के लिए पूरी तरह अंधेरा हो जाएगा। ऐसा लगेगा जैसे कि दिन में ही रात हो गई है।

क्या होता है सूर्य ग्रहण?

सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है। ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा सूर्य और धरती के बीच आ जाता है। चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए जब सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, तो सूर्य का प्रकाश धरती तक नहीं पहुंच पाता है। इस वजह से कुछ हिस्सों में अंधेरा छा जाता है। सूर्य ग्रहण कुछ प्रकार के होते हैं, जैसे कि पूर्ण और आंशिक ग्रहण। जब चंद्रमा, सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है, तो उसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहते हैं। इस दौरान, दिन में रात जैसा माहौल हो जाता है। वहीं, जब चंद्रमा, सूर्य के केवल एक हिस्से को ढकता है, तो उसे आंशिक ग्रहण कहते हैं।