11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

Periods: पीरियड्स में ऑफिस-कॉलेज क्यों नहीं जा पाती महिलाएं? लैंसेट की रिपोर्ट में खुलासा 

Periods Problem: रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि दक्षिण एशियाई की 20 प्रतिशत महिलाएं पीरियड्स के दौरान बाहर जाने से बचती हैं, वे चाहकर भी बाहर के काम नहीं कर पाती हैं।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Jyoti Sharma

Jan 31, 2025

Women Problems During Periods South Asian country Lancet Report

Representative Image

Periods Problem: माहवारी यानी पीरियड्स के दौरान कई महिलाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान वे सिर्फ शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक तौर पर भी काफी परेशान रहती हैं। अब मेडिकल जर्नल लैंसेट (Lancet) ने पीरियड्स के दौरान आने वाली मुश्किलों पर एक रिसर्च की है, जिसमें ये कहा गया है कि इस दौरान जो महिलाओं के सामने जो सबसे बड़ी समस्या (Women Problems During Periods) होती है वो है बाहर जाकर काम करने की, चाहे वो ऑफिस हो, कॉलेज-स्कूल जाना हो, या फिर बाहर का अपना कोई काम निपटाना हो।

भारत, पाकिस्तान समेत दक्षिण एशियाई देशों की महिलाओं के समान हालात

लैंसेट की इस रिपोर्ट के मुताबिक पूरी दुनिया में दक्षिण एशियाई देशों की सबसे ज्यादा 20 फीसदी महिलाएं काम से दूर रहती हैं। इनमें भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, नेपाल और भूटान शामिल हैं। लैंसेट ग्लोबल हेल्थ जर्नल में छपी रिसर्च के मुताबिक इन देशों की कई महिलाएं पीरियड्स के दौरान दफ्तर जाने से परहेज के अलावा बाहर के रोजमर्रा के कामकाज से भी बचती हैं।

सर्वे में 15 से 49 साल की महिलाएं शामिल

ऑस्ट्रेलिया की मेलबॉर्न यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने शोध के दौरान 2017-2023 में 44 देशों का सर्वे किया। सर्वे में 15-49 साल की 6.73 लाख से ज्यादा महिलाओं से बातचीत की गई। रिपोर्ट के मुताबिक कम आय वाले देशों में 15 फीसदी महिलाएं पीरियड्स के दौरान काम से बचना चाहती हैं। पश्चिम और मध्य अफ्रीका में यह प्रतिशत 18.5 है। शोध में बताया गया कि पीरियड्स के दौरान 15 से 19 साल की 17 फीसदी लड़कियां रोजमर्रा के कामों में शामिल नहीं होतीं।

सबसे बड़ी वजह

शोध रिपोर्ट के मुताबिक पीरियड्स के दौरान महिलाएं रोजाना के कामों से इसीलिए नहीं बचतीं कि उनके पास सैनिटरी पैड (Sanitary Pads) या टैम्पोन नहीं है या तनाव में रहती हैं या आराम करना चाहती हैं। वे काम के लिए बाहर इसलिए नहीं जाना चाहतीं, क्योंकि घर में साफ-सुथरा वॉशरूम है। प्राइवेट स्पेस है, जहां वे स्वास्थ्य जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर सकती हैं।

लैंगिक गैर-बराबरी

कई महिलाएं पीरियड्स के दौरान घूमने नहीं जाना चाहतीं। वे घर में रहना पसंद करती हैं। पीरियड्स में होने वाला दर्द भी रोजाना के कामों को छोडक़र घर पर रहने की एक वजह है। रिपोर्ट में कहा गया पीरियड्स के दौरान महिलाओं की क्वालिटी ऑफ लाइफ पर असर पड़ता है और लैंगिक गैर-बराबरी पैदा होती है।

ये भी पढ़ें- अगर भारत ने नहीं की होती ये खोज, तो कैसे दुनिया करती गिनती, इन 10 आविष्कारों ने बदल डाली दुनिया