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World Cup: मैक्सिको की जीत के जश्न के दौरान दम घुटने से दो लोगों की मौत, जानिए क्यों घुटता है दम

World Cup Mexico: मैक्सिको के विश्व कप जीतने के जश्न के दौरान दम घुटने के कारण 19 और 44 वर्षीय दो पुरुषों की मौत हो गई। भीड़ होने के कारण लोगों का बुरा हाल था। इसलिए उनका दम घुट गया।
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भारत

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MI Zahir

Jul 01, 2026

Mexico FIFA World Cup Incident News

मैक्सिको सिटी में मैक्सिको के विश्व कप में मनाया गया जश्न। ( फोटो : ANI)

World Cup Two People Die Mexico : मैक्सिको सिटी में मैक्सिको के विश्व कप के अगले दौर में पहुंचने के बाद हुए व्यापक जश्न के दौरान दम घुटने के कारण दो लोगों की मौत हो गई। मेक्सिको सिटी के स्वास्थ्य सचिवालय ने बुधवार को इस आशय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय टीम की जीत का जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुई भीड़ के बीच दम घुटने से एक 19 वर्षीय महिला और एक 44 वर्षीय पुरुष की मौत हो गई। अधिकारियों ने स्थानीय मीडिया में प्रकाशित तीसरी मौत होने की खबरों की पुष्टि नहीं की है।

नॉकआउट स्टेज में यह उनकी यह केवल दूसरी जीत

ध्यान रहे कि मेक्सिको ने इक्वाडोर को हरा कर, 2026 FIFA वर्ल्ड कप में कई रिकॉर्ड बनाए। नॉकआउट स्टेज में यह उनकी यह केवल दूसरी जीत है, इससे पहले उन्होंने 1986 में जीत हासिल की थी।

स्मारक के आस-पास दस लाख से अधिक लोग एकत्र हुए

इस जीत के बाद जश्न का माहौल था। शहर प्रशासन के अनुमान के अनुसार, मेक्सिको सिटी की सड़कों पर, खासकर 'एंजल ऑफ इंडिपेंडेंस' स्मारक के आस-पास, दस लाख से अधिक लोग एकत्र हुए।

आखिर लाखों लोगों में क्यों घुटता है दम,क्या है क्लॉस्ट्रोफोबिया

एक्सपर्ट डॉ अशोक सिंह राठौड़ ने patrika.com से बातचीत में बताया कि जब बहुत अधिक, और विशेषकर लाखों लोगों की भीड़ हो तो हर कोई इन हालात का सामना नहीं कर पाता है। मेडिकल साइंस कहती है, केवल अस्थमा के कारण घुटन नहीं होती है, कुछ और कारण भी हो सकते हैं बहुत तंग या बंद जगहों का डर (क्लॉस्ट्रोफोबिया) तब एक फोबिया का रूप ले लेता है जब यह आपके सामान्य कामकाज में बाधा डालने लगता है।

क्लॉस्ट्रोफोबिया: तंग जगह के डर से भी बचने की कोशिश करें

राठौड़ ने बताया कि आप भी क्लॉस्ट्रोफोबिया से बचें। यह बंद या सीमित तंग जगहों का बहुत अधिक डर है। कई तरह के डर स्वाभाविक लगते हैं; हम सभी उन चीजों से बचने की कोशिश करते हैं जिनसे हमें असहज महसूस होता है। डर और फोबिया में फर्क यह है कि फोबिया में किसी एक या अधिक खास चीजों या स्थितियों से बहुत अधिक और बेमतलब का डर लगता है। इसके अलावा, फोबिया में महसूस होने वाला डर उस चीज या स्थिति से होने वाले असल खतरे से कहीं अधिक होता है।

क्लॉस्ट्रोफोबिया कितना आम है? इसके लक्षण क्या हैं?

उन्होंने बताया कि लगभग 12.5% ​​आबादी क्लॉस्ट्रोफोबिया से पीड़ित है। औसतन, किसी खास फोबिया जैसे क्लॉस्ट्रोफोबिया से पीड़ित व्यक्ति को तीन चीज़ों या स्थितियों से डर लगता है। खास फोबिया वाले लगभग 75% लोगों को एक से अधिक चीजों या स्थितियों से डर लगता है। क्लॉस्ट्रोफोबिया के लक्षण एंग्जायटी और पैनिक अटैक जैसे ही होते हैं, जिनमें पसीना आना या कांपना जैसे शारीरिक लक्षण भी शामिल हैं।

अगर ये लक्षण हों तो सावधान हो जाएं

राठौड़ ने बताया कि इसके लक्षणों में शामिल हैं: सीने में जकड़न या दिल की धड़कन का तेज होना, सांस लेने में कठिनाई या तेज सांस चलना, शरीर का कांपना या चेहरे का लाल पड़ना, दम घुटने जैसा महसूस होना, पेट खराब होना या जी मिचलाना, चक्कर आना, बेचैनी या सिर में तनाव महसूस होना, मुंह सूखना, घबराहट या उलझन महसूस होना, सुन्नपन या झुनझुनी, कानों में सीटी जैसी बजना, रोना, नखरे दिखाना, डर के मारे जम जाना या अचानक गुस्से का भड़क उठना।