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AI से मानव अस्तित्व और लोकतंत्र को बचाने के लिए मंथन शुरू, लंदन में विश्व के पहले AI सेफ्टी समिट का शुभारंभ

बुधवार को लंदन में विश्व के पहले एआइ शिखर सम्मेलन का आगाज हुआ। इसमें विश्व के कई दिग्गज उद्यमी और राजनेता हिस्सा ले रहे हैं। भारत की तरफ से मेगा इवेंट में हिस्सा लेने के लिए सूचना प्रोद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर शिरकत कर रहे हैं।

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World's first AI Safety summit begins in UK

World's first AI Safety summit begins in UK

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI पर विश्व का पहला शिखर सम्मेलन बुधवार को लंदन में शुरू हुआ। एआइ से जुड़े खतरों और सुरक्षा उपायों पर मंथन करने के लिए हो रहे इस सम्मेलन में दुनिया भर से कई राजनेता, टेक उद्यमी और वैज्ञानिक हिस्सा ले रहे हैं। दो दिन चलने वाले इस सम्मेलन की वक्ताओं की लिस्ट में कई भारतवंशियों के नाम भी प्रमुखता से देखे जा सकते हैं। राजनेताओं की बात करें तो भारत से इस सम्मेलन में सूचना प्रोद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर शिरकत कर रहे हैं। वहीं ब्रिटेन से प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, इटली से प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और अमरीका की ओर से उपराष्ट्रपति कमला हैरिस इसमें शिरकत कर रही हैं। यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी सम्मेलन में आमंत्रित हैं। चीन की तरफ से इस सम्मेलन में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के उप मंत्री वू झाओहुई भाग ले रहे हैं।

मानव जाति के लिए खतरा

सम्मेलन के शुरू होने से पहले ही इसको लेकर चर्चाओं और बयानों का दौर शुरू हो गया है। टेक उद्यमी एलन मस्क ने एक पॉडकॉस्ट में तंज करते हुए कहा है कि एआइ का विकास और उसका स्वभाव उसको बनाने वाले पर निर्भर करेगा। अगर पर्यावरणवादी आंदोलनकारियों के हाथों एआइ का विकास होता है तो इससे मानव जाति के अस्तित्व के लिए खतरा है, क्योंकि वे पृथ्वी को बचाने के लिए मानव जाति को दांव पर लगा देंगे। वहीं, कमला हैरिस ने सम्मेलन ने पहले एक संबोधन में कहा कि एआई से लोकतंत्र और निजता के लिए खतरा है। उन्होंने कहा, यह कहना सही नहीं है कि हम या तो जनता की सुरक्षा कर सकते हैं या नवाचार को बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने कहा, दोनों को साथ लेकर चलना होगा। हैरिस ने यहां यूनाइटेड स्टेट एआइ सेफ्टी इंस्टीट्यूट की स्थापना की भी घोषणा की।

लाइवः मस्क करेंगे सुनक से बात

टेक दिग्गजों की बात करें तो, इस सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रमुख टेक उद्यमियों की सूची में मस्क के अलावा, चैटजीपीटी निर्माता ओपनएआइ, एंथ्रोपिक, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और अमेजन के टेक दिग्गज प्रमुख रूप से शिरकत कर रहे हैं। एआइ सुरक्षा मुद्दे पर मस्क के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की एक बातचीत भी गुरुवार शाम को एक्स पर सीधे प्रसारित की जाएगी।

चीनी प्रतिनिधि सभी सत्रों में नहीं लेंगे भाग

एआइ शिखर सम्मेलन में चीन की उपस्थिति पर खुद ब्रिटेन के उप प्रधानमंत्री ने ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उप प्रधानमंत्री ओलिवर डाउडेन ने कहा है कि चीनी प्रतिनिधियों के लिए एआइ शिखर सम्मेलन के कुछ सत्रों में भाग लेना उचित नहीं है। डाउडेन ने कहा, कुछ सेशन हैं, जिनमें हम अपने जैसे विचारों वाले देशों के साथ काम कर कर रहे हैं। इसलिए ये उचित नहीं होगा कि चीन इनमें शिरकत करे। हालांकि उन्होंने इस शिखर सम्मेलन में चीन और एलन मस्क दोनों की उपस्थिति की जरूरत को रेखांकित किया। डाउडेन ने कहा, दूसरी तरफ ये भी सच है कि हम और चीन दोनों ही एआइ से समान खतरे का सामना कर रहे हैं। कोई नहीं चाहता है कि इसके सबसे बुरे दुष्परिणाम सामने आएं। इस मायने में ये ठीक है कि हम चीन के साथ भी काम करें।

एआइ शिखर सम्मेलन का उद्देश्य बताते हुए ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक

एआइ शिखर सम्मेलन में सामाजिक लक्ष्यों की उपेक्षा ये शिखर सम्मेल ब्रिटेन में इस कारण भी विवादों में घिर गया है कि इसमें एआइ के कारण नौकरियों के खत्म होने और डाटा सुरक्षा जैसे मुद्दों की उपेक्षा की गई है। सम्मेलन में ब्रिटिश लेबर पार्टी के सांसदों को भी नहीं बुलाए ले जाने को लेकर चिंता जताई गई है।

फेक न्यूज के प्रसार को रोकना होगा

अगर हम इनोवेशन को रेगुलेशन से आगे निकलने देंगे तो देश के सामने मिथ्या सूचनाओं और इंटरनेट के शस्त्रीकरण का खतरा पैदा हो जाएगा। सोशल मीडिया के जरिए हमें एआइ को मिथ्या सूचनाओं के प्रसार का जरिया बनने से रोकना होगा।