गुप्त नवरात्रि में ये 9 अक्षरों के काली मंत्र का कर लें जाप, संकट के साथ दुश्मन भी हो जाएंगे खत्म

गुप्त नवरात्रि में ये 9 अक्षरों के काली मंत्र का कर लें जाप, संकट के साथ दुश्मन भी हो जाएंगे खत्म

Tanvi Sharma | Updated: 04 Jul 2019, 12:38:32 PM (IST) पूजा

नौ अक्षरों से बना यह मंत्र मां के नौ स्वरूपों को समर्पित है

गुप्त नवरात्रि में देवी दुर्गा के स्वरूपों की पूजा की जाती है। गुप्त नवरात्रि ( gupt navratri ) मनोकामनाओं की नवरात्रि मानी जाती है। इस दौरान साधक सिद्धियां प्राप्त करने के लिए विशेष पूजा करते हैं। गुप्त नवरात्रि में तांत्रिक सिद्धियों को प्राप्त करने के लिए विशेषकर दुर्गा मां के काली स्वरूप की पूजा की जाती है। मां काली की पूजा ना सिर्फ तांत्रिक सिद्धियों को पाने के लिए करते हैं, बल्कि अपनी रक्षा के लिए भी की जाती है।

जी हां, मां काली को दुष्टों का संहार करने वाली माना जाता है। मां काली ( Maa Kali ) काल का अतिक्रमण कर मोक्ष प्रदान करती हैं। मां काली की पूजा व साधना वैसे तो तांत्रिक या सन्यासी करते हैं। लेकिन यदि कोई आम व्यक्ति अपने संकटों को दूर करना चाह रहा हो या फिर अपने दुश्मनों से ज्यादा परेशान हो तो वह काली के कुछ मंत्रों ( kali mantra in hindi ) नवरात्रि में सिद्ध कर जपने से बहुत लाभ मिलता है।

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maa kali mantra in hindi

दुर्गासप्तशती ( durga saptshati ) के अनुसार नौ अक्षरों से बना यह मंत्र मां के नौ स्वरूपों को समर्पित है। इस मंत्र का हर एक अक्षर एक ग्रह को नियंत्रित करता है। इस तरह नौ अक्षरों से मिलकर बना नवार्ण मंत्र कुंडली के सभी नौ ग्रहों को साधकर व्यक्ति के जीवन से सभी संकटों को दूर करता है और शत्रुओं को भी शांत करता है।

मां काली नवार्ण मंत्र: ( maa kali mantra a )

ओम ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै

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कैसे करें इस मंत्र का प्रयोग

इस मंत्र का नवरात्रों में विशेष प्रयोग किया जाता है। इस मंत्र का आप लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए आप अपने घर में मां भगवती काली की तस्वीर या प्रतिमा लाएं। सुबह जल्दी नहा-धोकर स्वच्छ वस्त्र पहन कर उस प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। तिलक लगाएं तथा लाल रंग के पुष्प यथा गुलाब, गुड़हल आदि समर्पित करें। इसके बाद उसी जगह एक आसन पर बैठकर इस मंत्र का 108 बार जप करें। जप के बाद यथायोग्य भोग मां काली को अर्पण करें। यदि आपकी अधिक सामथ्र्य नहीं है तो आप मिश्री के दो दाने भी भोग में अर्पण कर सकते हैं और चाहे तो लाल सेव या अनार का भोग भी मां को लगा सकते हैं।

भोग लगाने के बाद मन ही मन अपनी इच्छा मां को कहें। अपनी इच्छा पूरी होने तक इस प्रयोग को जारी रखें। यदि आपकी इच्छा सात्विक होगी या उससे किसी का अनिष्ट नहीं हो रहा है तो मां कुछ ही दिनों में आपकी मनोकामना पूरी करेगी। यदि आप चाहे तो अपनी इच्छा पूरी होने के बाद भी इस प्रयोग को आजीवन कर सकते हैं।

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