
पूर्णिमा पर राशि अनुसार करें मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप
Kojagar Vrat: कोजागर व्रत पर माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है, यह व्रत अश्विन पूर्णिमा पर पड़ती है। आइये जानते हैं कब है यह तिथि ...
पूर्णिमा तिथि प्रारम्भः 16 अक्टूबर 2024 को रात 08:40 बजेपूर्णिमा तिथि समाप्तः 17 अक्टूबर 2024 को शाम 04:55 बजे कोजागर पूजा: बुधवार, 16 अक्टूबर 2024 कोकोजागर पूजा निशिता काल: रात 11:42 बजे से रात 12:32 बजे तक (सुबह 17 अक्टूबर) अवधिः 00 घण्टे 50 मिनट्स
कोजागर पूजा के दिन चन्द्रोदयः शाम 05:05 बजे
(नोटः जिस दिन पूर्णिमा निशीथव्यापिनी हो, वही दिन कोजागर पूजा के लिए उत्तम माना जाता है।)
1. आज के दिन हाथी पर विराजमान हुई देवी महालक्ष्मी जी की आराधना करनी चाहिए ।
2. देवी लक्ष्मी को फल फूल धूप दीप अगरबत्ती अर्पित करें.
3. ॐ महालक्ष्म्यै नमः मंत्र का जप करें और आरती गाएं
4. इस दिन श्रद्धापूर्वक उपवास और दीपदान करें।
5. यथाशक्ति एक लाख, पचास हजार, अयुत सहस्र (एक करोड़) अथवा सौ घी या तिल के दीप जलाएं.
6. शाम को फिर पूजा करें और नृत्य एवं संगीत के साथ रात्रि में जागरण करें।
7. क्षमतानुसार नगर की गलियों में, देवालयों में, बाग में घर में दीप जलाएं ।
8. ब्राह्मणों के लिए खीर , घी एवं शक्कर का भोज आयोजित करें।
9. ब्राह्मणों का वस्त्र और दक्षिणा सहित पूजन करें तथा यथाशक्ति सोने के दीपक देकर व्रत का पारण करें।
Updated on:
16 Oct 2024 08:34 pm
Published on:
16 Oct 2024 11:59 am
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