
भगवान गणेश को समर्पित संकष्टी चतुर्थी का व्रत सोमवार, 19 अगस्त को रखा जाएगा। इस व्रत को सुहागिन महिलाएं अपने पति व पुत्र की लंबी आयु के लिए रखती हैं। इस बार गणेश चतुर्थी सोमवार के दिन पड़ रही है इसलिए इस दिन गणेश जी के साथ-साथ भगवान शंकर की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाएगा। चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं और इस दिन व्रत-उपवास और पूजा-पाठ करने से सुख-समृद्धि, ज्ञान और बुद्धि बढ़ती है। वहीं पंडित रमाकांत मिश्रा के अनुसार चतुर्थी के दिन 12 नाम मंत्रों का 108 बार जप करना चाहिए। आइए जानते हैं किन मंत्रों का करें जप और कैसे करें पूजा....
1. गणेश चतुर्थी के दिन स्नान के बाद लाल कपड़े पहनें और उसके बाद सूर्य को जल चढ़ाएं। घर के मंदिर में गणेश प्रतिमा स्थापित करें। सिंदूर, दूर्वा, फूल, चावल, फल, जनेऊ, प्रसाद आदि चीजें चढ़ाएं।
2. श्री गणेशाय नम: मंत्र का जाप करते हुए पूजा करें। गणेशजी के सामने व्रत करने का संकल्प लें और पूरे दिन अन्न ग्रहण न करें। व्रत में फलाहार, पानी, दूध, फलों का रस आदि चीजों का सेवन किया जा सकता है।
ये 12 नाम मंत्र हैं- ऊँ सुमुखाय नम:, ऊँ एकदंताय नम:, ऊँ कपिलाय नम:, ऊँ गजकर्णाय नम:, ऊँ लंबोदराय नम:, ऊँ विकटाय नम:, ऊँ विघ्ननाशाय नम:, ऊँ विनायकाय नम:, ऊँ धूम्रकेतवे नम:, ऊँ गणाध्यक्षाय नम:, ऊँ भालचंद्राय नम:, ऊँ गजाननाय नम:।
4. पूजा पूरी होने के बाद सभी लोगों में प्रसाद बांटे और गणेशजी से दुख दूर करने की प्रार्थना करें।
Published on:
19 Aug 2019 11:02 am
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