यह उत्तर भारतीय पूर्णिमांत कैलेंडर में ज्येष्ठ अमावस्या और दक्षिण भारतीय अमावस्यांत कैलेंडर में वैशाख अमावस्या पर मनाई जाती है। हालांकि दोनों ही प्रकार के कैलेंडर में शनि जयंती एक ही दिन पर पड़ती है। शनि दशा, साढ़ेसाती और ढैया के माध्यम से शनि देव लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं। आइये जानते हैं शनि जयंती कब है, शनि जयंती शुभ मुहूर्त और पूजा विधि क्या है..