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48 दिन बाद जिंदगी से हारी तेजाब पीड़िता गुलिस्ता, ये थे उसके आखिरी शब्द- वो गिरफ्तार हुए क्या?

गुलिस्ता की सगाई हो चुकी थी और जल्द ही शादी होने वाली थी पर इस घटना ने दोनों परिवारों की उम्मीदों को तोड़ दिया। गुलिस्ता का होने वाला पति उसके साथ हर समय रहा।
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balram singh

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Updated: 8 May 2017, 7:42 PM IST

acid attack

acid attack

48 दिनों तक अपनी जिंदगी से लड़ती रही गुलिस्ता और हर दिन पूछती रही कि क्या दोषी गिरफ्तार हुए पर उसे वही ना में जवाब मिलता। रविवार को सुबह फिर मां से पूछा कि क्या वे गिरफ्तार हुए, मां ने मना किया तो वह चुप हो गई और थोड़ी देर बाद दम तोड़ दिया।

दिल्ली के सफदरगंज हॉस्पिटल में में भर्ती गुलिस्ता पर घंटाघर कोतवाली क्षेत्र में एक सिरफिरे आशिक ने तेजाब से हमला किया था। इसमें उसके चेहरे के साथ ही पूरा शरीर बुरी तरह से झुलस गया था। घरवालों ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया। गुलिस्ता जीना चाहती थी और इसलिए उसकी हिम्मत ने उसे 48 दिन जिंदा रखा पर दोषियों की गिरफ्तारी ना होने से उसकी उम्मीदें टूट गई।

इस केस में सबसे बड़ी बात ये भी है कि हमला करने वाला वह दरिंदा अस्पताल में उससे मिलने भी आया। वहां उसे पुलिस ने अरेस्ट कर लिया पर उसके साथ 2 बाकी आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया। पुलिस की इसी नाकामी ने गुलिस्ता को हरा दिया।

गुलिस्ता के परिवारवालों का कहना है कि हम लोग जब भी परेशान होते तो वह जल्दी ही ठीक हो कर घर जाने को कहती। रविवार सुबह गुलिस्ता ने सभी से बात की और अपनी मां से आरोपियों की गिरफ्तारी के बारे में पूछा। जब मां ने उसे बताया कि वे दोनों अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए है तो ये सुनकर वह उदास हो गई और थोड़ी देर बाद उसने दम तोड़ दिया।

गुलिस्ता की सगाई हो चुकी थी और जल्द ही शादी होने वाली थी पर इस घटना ने दोनों परिवारों की उम्मीदों को तोड़ दिया। गुलिस्ता का होने वाला पति उसके साथ हर समय रहा। वह उसे दिलासा देता रहता था कि वह ठीक हो जाएगी।

परिवार के लोगों ने शासन और प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस घटना के बाद सिर्फ एक बार एडीएम सिटी उनके घर आईं थीं। वहीं, छोटी-छोटी घटनाओं पर बोलने वाले नेता एक बार भी गुलिस्ता से मिलने हॉस्पिटल नहीं आए। शायद पुलिस अगर आरोपियों को गिरफ्तार कर लेती तो गुलिस्ता में जीने की तमन्ना फिर जाग उठती पर ऐसा नहीं हो सका।