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J&K: बॉलीवुड के बाद राजनीति में उतरेंगे महबूबा के भाई!

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की मौत के बाद उनके फिल्मकार बेटे तस्सादुक हुसैन मुफ्ती के राजनीति में कदम रखने के संकेत मिले हैं।
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Arif Mansuri

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Updated: 19 Jan 2016, 12:45 PM IST

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की मौत के बाद उनके फिल्मकार बेटे तस्सादुक हुसैन मुफ्ती के राजनीति में कदम रखने के संकेत मिले हैं। रविवार को हुई पीडीपी के कोर ग्रुप की बैठक में पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने अपने छोटे भाई तस्सादुक हुसैन मुफ्ती का पार्टी नेताओं से परिचय करवाया। तस्सादुक के बैठक में आने से पार्टी के कई नेता हैरान हैं। तस्सादुक हमेशा राजनीति से दूर रहे हैं, उनका कहना था कि उनकी राजनीति में कोई रूचि नहीं है। महबूबा ने बैठक की शुरुआत ही तस्सादुक के परिचय के साथ की।

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने बैठक में मौजूद सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट में लिखा है कि महबूबा ने तस्सादुक का परिचय करवाते हुए यह संकेत देने की कोशिश की है कि वे भी राजनीति में रूचि रखते हैं। महबूबा ने बैठक में कहा कि तस्सादुक कश्मीर के लिए बहुत कुछ करना चाहते हैं, विशेषकर वातावरण से संबंधित मुद्दों को लेकर। तस्सादुक का परिचय देते हुए महबूबा ने कहा कि वे अपने पिता को एक राजनीतिज्ञ और नेता के रूप में जानना चाहते थे। इसलिए मैंने इन्हें बैठक में आमंत्रित किया है क्योंकि उनके साथियों और पार्टी नेताओं से अपने पिता को एक नेता के रूप में अच्छे से जान पाएंगे।

बैठक में तस्सादुक के परिचय के बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। अगर महबूबा मुख्यमंत्री बनती हैं तो उन्हें अपनी अनंतनाग लोकसभा सीट छोडऩी होगी। इसके बाद पीडीपी तस्सादुक को अनंतनाग से अपना उम्मीदवार बना सकती है। मुफ्ती की मौत के बाद उनकी खाली हुई विधानसभा सीट से महबूबा चुनाव लड़ेंगी। हालांकि, अभी इसको लेकर पार्टी में कोई भी आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं हुई है।

तस्सादुक ने बॉलीवुड की हिट फिल्म ओमकारा जैसी मूवी में सिनेमेटोग्राफी की है। हालांकि, वे इससे पहले राजनीतिक से दूर ही रहे हैं, वे हमेशा कहते रहे हैं कि उन्हें राजनीति में कोई रूचि नहीं है। गौरतलब है कि राज्य में मुफ्ती की मौत के बाद राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो गई। राज्य में कोई भी सरकार नहीं होने पर राज्यपाल शासन लागू कर दिया गया था। रविवार को पीडीपी ने राज्य में सरकार बनाने के फैसले को लेकर बैठक की थी। अभी तक राज्य में भाजपा के साथ गठबंधन करके पीडीपी शासन चला रही थी।