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युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए पीएम ने की कौशल विकास योजना की शुरुआत

आने वाले समय में हमारा देश भारत विश्व में मानव संसाधन राजधानी के रूप में जाना जाएगा। स्किल न सिर्फ जेब में पैसे देता है, बल्कि आत्मविश्वास से भी भर देता है। 
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Jyoti Kumar

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Updated: 15 Jul 2015, 7:50 PM IST

'आने वाले समय में हमारा देश भारत विश्व में मानव संसाधन राजधानी के रूप में जाना जाएगा। स्किल न सिर्फ जेब में पैसे देता है, बल्कि आत्मविश्वास से भी भर देता है।

आने वाली सदी की जरूरत आईआईटी नहीं बल्कि आईटीआई है। हमने गरीबी के खिलाफ जंग छेड़ दी है और हमें ये जंग जीतनी है।Ó इस आह्वान के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की शुरुआत की।

इस कार्यक्रम को लॉन्च करने के लिए विश्व युवा कौशल दिवस का मौका चुना गया, जिससे साफ है कि केंद्र सरकार की इस महात्वाकांक्षी योजना के केंद्र बिंदु देश के युवा हैं। राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में लॉन्च के लिए भव्य आयोजन किया गया।

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युवाओं को स्किल टे्रनिंग देना ही मुख्य लक्ष्य
पीएम मोदी ने देश के युवाओं को स्किल टे्रनिंग (कौशल प्रशिक्षण) दिए जाने को ही इस योजना का मुख्य लक्ष्य बताया। उन्होंने कहा कि साल 2022 तक देश में 10.4 करोड़ युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देने की जरूरत होगी। इसके साथ ही करीब 29.8 करोड़ मौजूदा कर्मचारियों को भी स्किल ट्रेनिंग देनी होगी।
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'स्किल्ड बेरोजगारों को मिलेगा ऋण'
पूरे देश में कौशल विकास योजना और स्किल लोन स्कीम लागू की जाएगी। देश भर के 34 लाख स्किल्ड बेरोजगारों को अगले पांच साल में उनकी आवश्यक्तानुसार ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

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इस मौके पर पीएम मोदी अपने गृहराज्य गुजरात का उदाहरण देने से भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने कहा कि गुजरात के लोग सेना में कम जाते थे। मैंने वहां टे्रनिंग की व्यवस्था कराई तो लोग बड़ी संख्या में सेना से जुडऩे लगे।

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क्या कहा पीएम ने?
यह योजना गरीबों में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए शुरू की गई है। यह गरीबी के खिलाफ जंग है और हर गरीब मेरा सिपाही है।

एक्स्ट्रा क्वालिटी से हैसियत बढ़ जाती है। सभी एक से अधिक काम सीखें। उन्होंने कहा कि योजना के लिए राज्यों को भी साथ लेंगे। हमारे यहां लोग परंपरागत तरीके से कौशल सीखते हैं।

उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते कि कोई पढ़ाई के बाद नौकरी ढूंढे। स्किल डेवलेप कीजिए। अगले एक दशक में करीब 5 करोड़ लोगों को अपनी जरूरत के हिसाब से तैयार करेंगे।

पीएम ने कहा कि प्रशिक्षण संस्थानों को डायनमिक बनाना होगा। पर्यटन पर भी ध्यान देंगे। चीन ने अपनी पहचान मैन्यूफैक्चरिंग हब के रूप में बनाई है। हम अपनी पहचान ह्यूमन रिसोर्स (मानव संसाधन) हब के रूप में बनाएंगे।