
सांकेतिक इमेजः Gemini
धनतेरस का पर्व सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना से जुड़ा है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस की शाम और रात में दीपदान करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वातावरण बनता है। ऐसे में कुछ पारंपरिक उपाय इस पर्व को और खास बना सकते हैं। इस वर्ष धनतेरस 6 नवंबर को मनाई जाएगी।
धनतेरस पर 13 दीपक जलाने की परंपरा कई घरों में प्रचलित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शाम के समय घर के अलग-अलग स्थानों पर दीपक जलाने से नकारात्मकता दूर होती है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
इसके लिए मिट्टी के 13 दीपक लें और उनमें तेल या घी डालकर जलाएं। इन्हें घर के मुख्य द्वार, पूजा स्थल, तुलसी के पौधे और अन्य उपयुक्त स्थानों पर रख सकते हैं। दीपक ऐसी जगह रखें, जहां आग लगने का खतरा न हो।
धनतेरस की शाम यमराज के नाम दीपदान करने की परंपरा भी है। इसे यम दीपम कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन दीपदान करने से परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु से रक्षा होती है।
परंपरा के अनुसार, घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर दीपक जलाया जाता है। कुछ परिवार आटे का चौमुखी दीपक बनाकर उसमें सरसों का तेल डालते हैं। इस दौरान परिवार की सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना की जाती है।
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को पूजनीय माना गया है। धनतेरस की शाम तुलसी के पास घी का दीपक जलाने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
दीपक जलाने के बाद तुलसी के पौधे की श्रद्धापूर्वक परिक्रमा कर सकते हैं। ध्यान रखें कि दीपक पौधे की पत्तियों और सूखी टहनियों से सुरक्षित दूरी पर रखें।
धनतेरस के दिन शाम को घर के पूजा स्थल की सफाई करके मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा करें। पूजा में फूल, अक्षत, फल, मिठाई और दीपक अर्पित कर सकते हैं।
कुबेर देव को धन का देवता माना जाता है। उनकी पूजा करते समय परिवार की आर्थिक उन्नति और धन के सदुपयोग की कामना करें। पूजा के दौरान अपनी श्रद्धा के अनुसार मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं।
धनतेरस पर घर के मुख्य द्वार को साफ करके वहां रंगोली बनाना और दीपक जलाना शुभ माना जाता है। कई घरों में मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के चरण चिह्न भी बनाए जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मकता और समृद्धि का प्रवेश होता है।
धनतेरस पर पूजा और दीपदान करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। घर और पूजा स्थल को साफ रखें। दीपक जलाते समय आसपास ज्वलनशील सामान न रखें। बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दीपक दूर रखें। अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार ही खरीदारी करें।
धनतेरस पर किए जाने वाले ये उपाय धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक रीति-रिवाजों पर आधारित हैं। पर्व का महत्व श्रद्धा, परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और जरूरतमंदों की सहायता की भावना से भी जुड़ा है।
( डिस्क्लेमरः यह लेख धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है, वैज्ञानिक तथ्य पर नहीं। कृपया इसे आस्था के रूप में लें और महत्वपूर्ण निर्णयों से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।)
Updated on:
2 Nov 2026, 11:42 AM IST
Published on:
2 Nov 2026, 11:42 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.