28 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सेना का दामन दागदार, आतंकियों से बचाने के बाद महिलाओं से किया दुष्कर्म

एनजीओ ने एक ऐसी की रिपोर्ट की जारी की है जिसकी वजह से सेना की पूरी दुनिया में आलोचना की जा रही है।

2 min read
Google source verification

अबुजाः कहते हैं किसी आपात स्थिति में बचाने वाला रक्षक भगवान का रूप होता है। लेकिन जब बचाने वाला ही भक्षक बन जाए तो पीड़ित पर क्या बीतेगी आप समझ सकते हैं। ठीक ऐसा ही मामला नाइजीरिया में सामने आया है। मानवाधिकार के लिए काम करने वाली संस्था ऐमनेस्टी इंटरनेशनल ने सनसनीखेज खुलासा किया है। आरोप है कि आतंकी संगठन (Boko Haram) के चंगुल से बचाई गई महिलाओं के साथ सेना के जवानों ने दुष्कर्म किया। ऐमनेस्टी इंटरनेशनल की तरफ से जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सेना के जवानों ने अपने नागरिकों के घर जलाए और उन पर गोलियों की बौछार भी की।

ये भी पढ़ेंः नाइजीरिया में मिले 300 शिया मुस्लिमों के शव, सेना पर हत्या का आरोप
ऐसे दिया घटना को अंजाम
दरअसल नाइजीरिया की सेना आतंंकी Boko Haram से लड़ाई के दौरान फंसी महिलाओं और लड़कियों को एक सुरक्षित स्थान पर ले गई। बताया जा रहा है कि नाइजीरिया के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में सैकड़ों महिलाएं आतंकी संगठन (Boko Haram) के चंगुल में फंसी थी। सेना ने इन पीड़ितों को बाहर निकालकर बलात्कार किया। ऐमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट सामने आने के बाद नाइजीरियाई सेना सवालों के घेरे में आ गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सेना की कड़ी आलोचना की जा रही है।

ये भी पढ़ेंः नाइजीरिया : बोकोहराम व सेना के संघर्ष में 18 लोग मरे, 84 घायल

पहले भी लगे मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप
ऐसा पहली बार नहीं है कि नाइजीरिया की सेना पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगे हों। इससे पहले भी इस तरह के कई आरोप लग चुके हैं। बताया जा रहा है कि नाइजीरिया के उत्तरी और पूर्वी इलाकों में सेना ने सबसे क्रूर व्यवहार किया। आरोप है कि कई नागरिकों की मौत सेना की उपेक्षा के चरिए हुई है क्योंकि नागरिकों को खाने-पीने और इलाज की सुविधाएं नहीं दी गई। इसकी वजह से मौजूदा हालात में करीब 15 लोगों की मौत रोजाना हो रही है।