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मां बगलामुखी के ढाई घंटे में दर्शन, 50 हजार भक्तों ने टेका मत्था

शत्रुओं को शांत करनेवाली माता हैं नलखेड़ा की मां बगलामुखी, नवरात्र के सातवां दिन: मां के दर्शन के लिए दर्शनार्थियों की लंबी कतार लगी

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नलखेड़ा की मां बगलामुखी

नलखेड़ा. नवरात्र पर्व का उत्साह अब चरम पर पहुंच गया है. अब नौ दिनों की नवरात्रि के महज दो दिन बचे हुए हैं — दुर्गाष्टमी और दुर्गानवमी. ऐसे में देवी मंदिरों में माता के दर्शन और पूजन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग रहीं हैं. नलखेड़ा के विख्यात माता बगुला मुखी मंदिर के भी यही हाल हैं. यहां देवी दर्शन और पूजा करने के लिए रोज हजारों भक्त आ रहे हैं. दरअसल देवी बगुलामुखी न केवल राजसत्ता की देवी कही जाती हैं बल्कि शत्रुओं को शांत करने में भी बगुलामुखी पूजा सबसे ज्यादा जरूरी मानी जाती है. यही कारण है कि यहां भक्तों का तांता लगा रहता है.

मां बगलामुखी मंदिर पर शारदीय नवरात्र के सातवें दिन तो भक्तों की संख्या रिकार्ड स्तर पर पहुंच गई. आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस दिन 50 हजार से अधिक लोगों ने माता बगुला मुखी मंदिर में आकर दर्शन किए। इधर प्रशासन द्वारा वाहनों को खड़ा करने के लिए बनाई गई पार्किंग में जगह कम पड़ने से लोगों ने सड़क के दोनो ओर वाहन खड़े किए।

रविवार को मंदिर में दर्शनार्थियों का सैलाब उमड़ा। भीड़ का आलम यह था कि दर्शनार्थियों की कतार का एक सिरा मंदिर में था तो दूसरा सिरा परिसर के बाहर स्थित नाले पर परिसर में पैर रखने की जगह भी नहीं बची थी। दर्शनार्थियों को दो से ढाई घंटे कतार में खड़े रहने के बाद मां के दर्शन हो रहे थे।

पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत-भीड़ को देखकर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए, क्योंकि प्रशासन को भी अंदेशा नहीं था कि इतनी भीड़ जमा होगी। 6 दिनों में भीड़ ज्यादा नहीं थी लेकिन रविवार को भारी भीड़ के चलते पुलिस व प्रशासन को परेशानियां हुईं।