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महीने में महज 29 हजार के वेतन वाले समिति प्रबंधक ने करोड़ों कमाए

पांच ठिकानों पर 10 घंटे तक चली जांच, लोकायुक्त छापा में 2 करोड़ की संपत्ति जुटाने का अनुमान

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पांच ठिकानों पर 10 घंटे तक चली जांच,

आगर-मालवा. महज कुछ हजार की सेलरी पर कमाई करोड़ों की! लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने जब सहकारी सोसायटी बीजानगरी में पदस्थ प्रबंधक मोहनलाल विश्वकर्मा के आगर और गिरोली सहित पांच ठिकानों पर छापा मारा तो ये हकीकत सामने आई। 10 घंटे चली कार्रवाई में प्रबंधक के पास करोड़ों की चल-अचल संपत्ति मिली है।

29 साल की सेवा में वेतन के रूप में विश्वकर्मा को 30 लाख रुपए मिले, छापे में 2 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति मिली- विश्वकर्मा वर्ष 1994 में सेल्समैन के रूप में भर्ती हुआ। इसके बाद प्रबंधक बना। वर्तमान में उसे करीब 29 हजार रुपए वेतन मिलता है। 29 साल की सेवा में वेतन के रूप में विश्वकर्मा को 30 लाख रुपए मिले। अब छापे में उसके पास 2 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति मिली है। लोकायुक्त डीएसपी सुनील कुमार तालान ने बताया कि प्रबंधक के बैंक खातों को सीज करने के साथ विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा है।

साढ़े 3 किलो चांदी, 52 ग्राम सोना मिला, 2 लाख रुपए कीमत वाली बुलेट के साथ तीन अन्य बाइक- प्रबंधक विश्वकर्मा के घर से साढ़े 3 किलो चांदी (कीमत लगभग 2.12 लाख), 52 ग्राम सोना (कीमत 2.65 लाख) मिला। वाहनों के शौकीन प्रबंधक विश्वकर्मा के पास 2 लाख रुपए कीमत वाली बुलेट के साथ तीन अन्य बाइक हैं। चौपहिया और एक ट्रैक्टर आदि भी है।

सेवाकाल में खरीदी 50 बीघा जमीन
प्रबंधक को पैतृक रूप से 15 बीघा जमीन मिली थी। फिर 29 साल में उसने 50 बीघा जमीन खरीदकर लाखों रुपए का निवेश रियल एस्टेट में किया। गिरोली में पैतृक मकान के साथ तीन अन्य मकान व भूखंड हैं। आगर में 1500 वर्गफीट का मकान पत्नी के नाम पर है।