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सीएम हेल्पलाइन पर चार बार की शिकायत, हर बार डीडी जमा नहीं करने का जवाब

करीब ६ माह तक आवेदक को किया परेशान, अधिकारियों ने सीएम हेल्पलाइन को बनाया मजाक

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आगर.मालवा. मुख्यमंत्री ने आम लोगों की समस्या का त्वरित समाधान करने के लिए सीएम हेल्पलाइन प्रदेश में लागू कर रखी है लेकिन निचले स्तर पर इस हेल्पलाइन को अधिकारियों ने मजाक बना रखा है। कुछ इसी प्रकार की स्थिति एकीकृत बाल विकास के अधिकारी निर्मित कर चुके हैं। एक आवेदक ने ९ जुलाई २०१७ को विभाग में जमा कराए गए ५ हजार रूपए के डीडी को प्राप्त करने के लिए सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की थी। यह शिकायत एल-१ से लेकर एल-४ तक पहुंची और सभी अधिकारियों ने डीडी विभाग के पास होने से मना करते हुए शिकायत को बंद कर दिया। इसी बीच २९ जनवरी को परियोजना अधिकारी आवेदक को एक पत्र के माध्यम से डीडी दे देते हैं। डीडी प्राप्त करने के लिए आवेदक को ६ माह तक परेशान तो होना ही पड़ा। आवेदक ने अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर कलेक्टर से शिकायत की है। सुरेन्द्र सिंह देवड़ा ने ९ जुलाई २०१७ को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर बताया कि उसके द्वारा एकीकृत बाल विकास परियोजना में वाहन अनुबंधित करने के लिए ५ हजार रुपए का डीडी जमा कराया गया था। अनुंबध समाप्ति के बाद विभाग ने डीडी नही लौटाया, डीडी दिलाया जाए। यहां से शिकायत को एल-१ पर शिकायत निराकरण के लिए सीडीपीओ मनीषा चौबे को भेजी गई। संबंधित अधिकारी ने शिकायत का निराकरण करते हुए बताया कि शिकायतकर्ता ने कोई डीडी कार्यालय में जमा नहीं कराया गया है। फिर शिकायतकर्ता ने शिकायत की तो शिकायत एल-२ पर पहुंची जहां प्रभारी महिला सशक्तिकरण अधिकारी मंगलेश भटनागर ने भी वही जवाब दिया और शिकायत बंद कर दी।
शिकायतकर्ता को त्वरित न्याय मिलना चाहिए ।सीएम हेल्पलाईन से आम लोगों की समस्या का समाधान होता है। यदि कोई अधिकारी इसमें लापरवाही कर रहे हैं तो कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शिकायत मेरे सामने नहीं आई है। विस्तृत जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
अजय गुप्ता, कलेक्टर आगर