
The rulers of Chauhan dynasty went to Ajmer from Nal
बीकानेर. महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग (वंशावली, पुरातत्व एवं मुख्य इतिहास) के विद्यार्थियों ने शनिवार को दत्तक ग्राम नाल बड़ी में सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक सर्वेक्षण के साथ गांव में ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया।
इतिहास के विभागाध्यक्ष प्रो. नारायण सिंह राव, डॉ. अम्बिका ढाका, अन्य संकाय सदस्य तथा विद्यार्थियों ने नाल बड़ी की सरपंच सुनीता सुराणा, उपसरपंच उत्तम सिंह राठौड़ तथा ग्राम विकास अधिकारी ओमराम नाई के साथ संवाद किया। उन्होंने अधिकारियों से मूलभूत जानकारी एकत्र की। इसमें पता चला कि नाल बड़ी गांव विक्रम संवत 1462 में झज्जू से उठे हुए चौहान राजपूतों ने बसाया और यहीं से चौहान वंश के शासक अजमेर गए थे। राव बीका के साथ नाल के नेरूजी ने कोडमदेसर क्षेत्र में बीकानेर बसाया था।
चार सौ वर्ष पुराने स्मारक
जनप्रतिनिधियों ने बताया कि यहां राजकीय विद्यालय में कक्षा कक्षों की कमी तथा बिजली की समस्या है। गावं के सर्वेक्षण में इतिहास विभाग के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न घरों का सर्वेक्षण किया तथा विभिन्न जातियों के परिवारों की वंशावली का ब्योरा तैयार किया।
इस सर्वेक्षण का मुख्य आधार परिवारों की सामाजिक व आर्थिक स्थिति का पता लगाना था। विद्यार्थियों ने नाल बड़ी गांव में एक दर्जन स्मारकों का अध्ययन किया। इन पर अंकित अभिलेख से पता चला कि करीब चार सौ वर्ष पुराने हैं। गांव में जैन दादा बाड़ी मंदिर तथा अन्य मंदिर करीब 400-500 वर्ष पुराने हैं। सर्वेक्षण में डॉ. मुकेश हर्ष, डॉ. बलदेव व्यास, सुनीता स्वामी तथा 40 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
Published on:
10 Mar 2019 01:25 am
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