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​किसानों पर पड़ रही 18 प्रतिशत जीएसटी की मार, अन्नदाता बोले बस करो सरकार

किसानों के नलकूप कनेक्शन पर लगाए 18 प्रतिशत जीएसटी पर सपा नेताओं ने सौंपा ज्ञापन

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आगरा

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Abhishek Saxena

May 08, 2018

gst

आगरा। सरकार किसान हितैषी होने की बात करती है। किसानों की आय दोगुनी करने की बड़ी बड़ी बातें करती है। लेकिन, दूसरी ओर किसानों के साथ छल किया जा रहा है। किसानों को सिंचाई जल के लिए मिलने वाले नलकूप कनेक्शन पर 18 प्रतिशत का जीएसटी लगाया जा रहा है। ये सकरकार का किसान विरोधी रवैया दर्शाता है। मंगवाल को एत्मादपुर के विद्युत वितरण खंड पर सपा नेता के नेतृत्व में किसानों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन बिजली विभाग के अधिकारी को सौंपा।

गिर रहा भूगर्भ जल स्तर, नहीं मिल रहा पानी

सरकार किसानों को कृषि के लिए सिंचाई जल की आवश्यकता के लिए नए ट्यूबवेल कनेक्शन दे रही है। जिसके लिए बनाए गए एस्टीमेट पर 18 प्रतिशत जीएसटी लग रहा है। किसानों की वस्तुओं पर लगने वाले जीएसटी को लेकर किसानों में बेहद आक्रोश व्याप्त है। किसानों कहना है कि पानी का स्तर काफी नीचे है। किसान हर बार प्रकृति की मार झेलता है। कभी आलू की फसल बर्बाद होती है तो कभी गेहूं की फसल ओलावृष्टि या फिर बरसात में बर्बाद हो रही है। कई सालों से किसानों को फसल के मुताबिक पैसा नहीं मिल रहा है। डीजल के दाम भी आसमान छू रहे हैं। ऐसे में नए नलकूप कनेक्शन पर 18 प्रतिशत जीएसटी लेना सरकारों का किसानों के साथ छलावा है।

अंग्रेज शासन के बाद पहली बार किसानों पर टैक्स
विद्युत उपखंड एत्मादपुर में किसानों के साथ ज्ञापन देने पहुंचे सपा नेता दिनेश यादव ने कहा कि किसानों पर लगाए गए ऐसे टैक्स अंग्रेज शासन के बाद पहली बार लगाए गए हैं। केंद्र और राज्य की सरकारें अपने भले के लिए काम करती हैं। किसानों की आय से उन्हें कोई मतलब नहीं है। सरकार से मांग की गई कि नलकूप कनेक्शन पर लगने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी को हटा दिया जाए। ताकि किसान फसलों की सिंचाई के लिए नलकूप लगवा सके।