15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बनने जा रहा 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, 100 से ज्यादा गांवों से गुजरेगा, इन शहरों को मिलेगा फायदा

Greenfield Expressway: ग्वालियर से आगरा तक 88.400 किलोमीटर लंबी ग्वालियर-आगरा सिक्सलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे परियोजना के लिए 4263 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इस परियोजना के टेंडर अब खुल चुके हैं।

2 min read
Google source verification

आगरा

image

Aman Pandey

Mar 08, 2025

Greenfield Expressway,Gwalior Greenfield Expressway,Agra To Gwalior Greenfield Expressway,Expressway,Green Field Expressway News,agra to gwalior,Gwalior Greenfield Expressway,expressway news,Gwalior Greenfield Expressway,UP Road Connectivity

Greenfield Expressway: ग्वालियर से आगरा तक 88.400 किलोमीटर लंबे ग्वालियर-आगरा सिक्सलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए 4263 करोड़ रुपये का प्रस्तावित बजट रखा गया है, और इसके टेंडर अब खुल चुके हैं। नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने टेंडर प्रक्रिया पूरी करने में डेढ़ साल का समय लिया है। ठेका हासिल करने वाली कंपनी अक्टूबर से कार्य शुरू करेगी, और इसे 30 महीने में पूरा करना होगा। इस एक्सप्रेस वे में 8 बड़े पुल, 23 छोटे पुल, 6 फ्लाइओवर और एक रेल ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा।

20 बार बढ़ाई जा चुकी है डेट

गौरतलब है कि नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने 5 जनवरी 2024 को 88.4 किमी लंबे सिक्स-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण और मौजूदा 121 किमी फोरलेन हाईवे की मरम्मत के लिए टेंडर जारी किया था। हालांकि, टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी खामियों को दूर करने और आवश्यक संशोधनों सहित अन्य कारणों से इसकी तारीख अब तक लगभग 20 बार बढ़ाई जा चुकी है।

ढाई साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट

5 जनवरी 2024 को एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए थे। हालांकि, मामला भू-अर्जन तक पहुंचते ही जटिल हो गया, जिससे समाधान न निकल पाने के कारण टेंडर खोलने की तारीख में कई बार संशोधन करना पड़ा। साथ ही, तकनीकी खामियों को भी दूर करने के लिए लगातार बदलाव किए गए। अंततः, 25 फरवरी 2025 को टेंडर खोला गया और तकनीकी मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू हुई। इस टेंडर प्रक्रिया में देशभर की दस प्रमुख कंपनियों ने भाग लिया है। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अक्टूबर 2025 से शुरू होने की संभावना है, और चयनित कंपनी को यह परियोजना 30 महीनों यानी ढाई साल के भीतर पूरी करनी होगी।

100 से अधिक गांवों से भुमि अधिग्रहित

एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों के मुताबिक, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के 100 से अधिक गांवों में भूमि अधिग्रहण किया जाना था। इसमें मध्यप्रदेश के मुरैना और ग्वालियर जिले के सुसेरा गांव, राजस्थान के धौलपुर और उत्तर प्रदेश के आगरा की भूमि शामिल है। अब तक भूमि अधिग्रहण का लगभग 98 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन मुआवजे की राशि का भुगतान अभी बाकी है।

टेंडर में दस कंपनियों की भागीदारी

टेंडर प्रक्रिया में दिलीप बिल्डकॉन, अप्सरा इंफ्रास्ट्रक्चर, जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स, अडानी इंटरप्राइजेज, आइआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर, वेलस्पन इंटरप्राइजेज, डीआर अग्रवाल इंफ्राकॉन, पीएनसी इंफ्राटेक, गावर इंफ्रा और एमकेसी इंफ्रास्ट्रक्चर सहित दस कंपनियों ने बोली लगाई है। अब इनमें से किसी एक कंपनी का चयन किया जाएगा, जिसे आवश्यक संसाधन जुटाने के लिए छह महीने का समय मिलेगा। इसके बाद, अक्टूबर से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: बनने जा रहे 7 नए एक्सप्रेस-वे, 56 जिलों से होकर गुजरेंगे, जानें आपके जिले का नाम शामिल है या नहीं

अभी है 121 किलोमीटर की दूरी

आगरा-ग्वालियर नेशनल हाईवे 121 किमी लंबा है। अभी ग्वालियर पहुंचने में ढाई से तीन घंटे का समय लगता है। जिसे देखते हुए आगरा-ग्वालियर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है।
यह एक्सप्रेस-वे रोहता स्थित इनर रिंग रोड से शुरू होगा।
आगरा के 14, धौलपुर राजस्थान और मुरैना मध्य प्रदेश के 30 गांवों से गुजरेगा।
ग्वालियर स्थित सुसेरा गांव में वर्तमान ग्वालियर हाईवे से जोड़ा जाएगा।
चंबल नदी में सबसे बड़ा पुल बनाया जाएगा।