
आगरा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन की समाप्ति के बाद अखिलेश यादव ने शरद पूर्णिमा की चमकी रात में ताजमहल का दीदार किया। इस दौरान अखिलेश यादव के साथ कुल सात लोग थे। अखिलेश के साथ उनकी दोनों बच्ची और पत्नी डिंपल यादव भी थीं।
परिवार के साथ निहारा ताज
बता दें कि आगरा के तारघर मैदान में समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय़ अधिवेशन संपन्न हुआ। इस अधिवेशन में अखिलेश यादाव को दोबारा पांच साल के लिए पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। इसी सम्मेलन की समाप्ति के बाद अखिलेश यादव ने परिवार के साथ मोहब्बत की निशानी ताजमहल का दीदार किया। अखिलेश यादव ने रात 11:00 से 11:30 के बीच चांदनी रात में ताजमहल का दीदार किया। इस दौरान जैसे ही ताजमहल के मुख्य गुंबद पर चांद की रोशनी पड़ी, संगमरमरी तार की खूबसूरती देखने लायक थी। वहां उपस्थित हर व्यक्ति चांदनी रात में ताज की खूबसूरती देख मोहित हो गया। बता दें कि पूर्णिमा के दो दिन पहले और दो दिन बाद में ताजमहल रात 8.30 से रात 12.30 बजे तक सैलानियों के लिए खोला जाता है। गुरुवार को शरद पूर्णिमा की वजह से ताजमहल देखने के लिए काफी संख्या में सैलानियों ने टिकट बुक कराईं थीं। सभी 400 टिकट बुक थे।
अखिलेश के लिए यादगार रहेगी ताजनगरी
बता दें कि चार अक्टूबर से अखिलेश यादव आगरा आए हुए थे। यहां समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न हुआ। पार्टी के एक दिवसीय राष्टीय प्रतिनिधि सम्मेलन में अखिलेश यादव को अध्यक्ष चुना गया है। उनका कार्यकाल पांच वर्ष होगा। इससे पहले गत एक जनवरी को सपा के आपात सम्मेलन में मुलायम सिंह यादव को हटाकर अखिलेश को अध्यक्ष चुन लिया गया था।
वर्ष 1992 के नवम्बर में सपा की स्थापना हुई थी। अपने स्थापना काल से 2016 तक मुलायम सिंह यादव का आदेश ही अंतिम होता था। हर छोटा बड़ा नेता उन्हीं की बात मानता था। लेकिन परिस्तिथयां बदलीं और 2017 के पहले ही दिन उन्हें हटा दिया गया। तभी से तमाम उतार चढ़ाव आए लगा कि कमान उनके पास फिर आ सकती है। लेकिन मुलायम की गैर मौजूदगी में अखिलेश के दोबारा अध्यक्ष बन जाने के बाद अब मुलायम युग का फिलहाल अंत और नए युग की शुरूआत मानी जा रही है।
Published on:
06 Oct 2017 08:27 am
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