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Big News: इलाहाबाद यूपी बैंक ऑफ ग्रामीण का विलय, अब इस नए नाम से जानी जाएगी

  भारत की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए उठाया गया कदम, दुनिया की टॉप 15 बैंकों में शामिल करने का लक्ष्य।
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आगरा

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suchita mishra

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Updated: 15 Jun 2019, 5:38 PM IST

Press Conference

Press Conference

आगरा। भारत की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए भारतीय बैंक अब तेजी से अपने ग्राहकों को व्यापार की वैश्विक सुविधाएं देने की तैयारी में जुट गई हैं। सरकार की इस नीति के तहत अब इलाहाबाद यूपी बैंक ऑफ ग्रामीण को ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यवर्त में शामिल कर दिया गया है। इसी के साथ 15 जिलों में सिमटी ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यवर्त का विस्तार अब 26 जिलों में हो गया है। अब इसे 'आर्यवर्त बैंक' के नाम से जाना जाएगा। इस बैंक में 50 प्रतिशत शेयर भारत सरकार, 15 प्रतिशत उत्तर प्रदेश सरकार और 35 प्रतिशत शेयर बैंक ऑफ इंडिया का होगा। ये जानकारी आर्यवर्त बैंक के अध्यक्ष एसबी सिंह ने रघुनाथ नगर स्थित आर्यवर्त बैंक में आयोजित ब्रांच मैनेजर कॉन्फ्रेंस में दी।

विश्व की टॉप 15 बैंकों में शामिल करना है लक्ष्य
जानकारी देते हुए आर्यवर्त बैंक के अध्यक्ष एसबी सिंह ने बताया कि भारत दुनिया की छठवीं अर्थवयवस्था बन चुका है। अब हमारे पास ऐसे रिसोर्स भी होने चाहिए जो वैश्विक स्तर पर व्यापार की आर्थिक सुविधाएं उपलब्ध करा सकें। हमारा लक्ष्य भारतीय बैंकों को विश्व की टॉप 15 बैंकों में शामिल करने का है। इसके लिए कई नई सुविधाएं व योजनाएं भी ग्राहकों के लिए लाई जा रही हैं। आर्यवर्त स्टार मिशन में प्रत्येक शाखा को 180 परिवारों का चयन करना है जिन्हें रोजगार के लिए 50 हजार से 3 लाख रुपए तक की ऋण सुविधा दी जाएगी।

लम्बित आरसी के लिए रिकवरी प्रोग्राम की तैयारी
वहीं क्षेत्रीय प्रबंधक केबी कटियार ने बताया कि इलाहाबाद बैंक ऑफ ग्रामीण के शामिल होने के बाद आगरा जिले की 50 शाखाओं में 180 करोड़ की आरसी लम्बित हैं। इसके लिए तहसील व एसडीएम से मिलकर रिकवरी प्रोग्राम तैयार किया जा रहा है। इस सम्बंध में बैंक के अध्यक्ष एसबी सिंह ने जिलाधिकारी से भी मुलाकात की। कॉन्फ्रेंस में जिले की 50 शाखाओं के खाता प्रबंधकों में मुख्य रूप से क्षेत्रीय प्रबंधक केबी कटियार, मुख्य प्रबंधक, जीएमओ अलीगढ़ कैलाश चंद्र, अरुण श्रीवास्तव, एससी दुबे, ऋषि कुमार शर्मा, मणिकांत कुलश्रेष्ठ, सुशील कुमार गर्ग, विशाल सिंह आदि मौजूद थे।