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नाजुक त्वचा से ना करें खिलवाड़, सुंदर दिखने के लिए अपनाएं कॉस्मेटोलॉजिस्ट के टिप्स

कॉस्मेटोलॉजिस्ट नीलम गुलाटी ने पत्रिका के पाठकों को बताए सुंदर और स्वस्थ्य त्वचा के टिप्स

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आगरा

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Abhishek Saxena

May 08, 2018

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आगरा। सुंदर दिखने की चाहत में नाजुक त्वचा पर कई प्रोडेक्ट्स इस्तेमाल कर देते हैं। जिससे सुंदरता खो देते हैं। पत्रिका ने अपने पाठकों के लिए बात की मुंबई की मशहूर कॉस्मेटोलॉजिस्ट नीलम गुलाटी से। उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। यह जरूरी नहीं कि एक प्रोडक्ट जो आपको सूट करता है किसी और को भी करे।

शिशु की त्वचा में कोलेजन अधिक
इसी अंतर को समझने के लिए ब्यूटीशियन और कॉस्मेटोलॉजिस्ट की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। शिशु की त्वचा में अधिक मात्रा में कोलेजन होने की वजह से वह सुंदर और मुलायम होती है, लेकिन उम्र के साथ कोलेजन कम होता जाता है। त्वचा में पर्याप्त मात्रा में कोलेजन बना रहे, इसके लिए प्रोटीनयुक्त डाइट लें। लेजर फेशियल इसका दूसरा विकल्प है, जो त्वचा के अंदरूनी भाग में पहुंचकर ढीले पड़ चुके कोलेजन को टाइट करता है। त्वचा को फ्रेश रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में आॅक्सीजन जरूरी है, लेकिन लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के कारण त्वचा अपनी चमक खो रही है। ऐसे में आॅक्सीजन पंप और मास्क की सहायता ली जा सकती है।

सुंदरता और स्वास्थ्य का खजाना है उचित खान-पान
डायटीशियन डॉ. बेला मोहन ने बताया कि स्वास्थ्य और सुंदरता को बनाए रखने के लिए जरूरी है। सादा भोजन और स्वस्थ आहार। खुद को सुंदर और स्वस्थ बनाए रखने के लिए खान-पान का उचित रूप लेना भी जरूरी है। यदि आप अच्छा और हैल्दी भोजन लेते हैं तो आपकी त्वचा भी ग्लो करेगी साथ ही आपका शरीर भी स्वस्थ रहेगा। यदि आप खराब चीजों का सेवन मसलन शराब या जंक फूड करेंगे तो उसका खामियाजा आपके शरीर को भी भुगतना पडेगा।

सच्ची खुशी के लिए चाहिए, अच्छा स्वास्थ्य
लोगों को खुश रहने के लिए सही तरीके बताने आर्इं पूर्णिमा शर्मा ने कहा कि जीवन में किसी भी तरह की प्रगति के लिए अच्छा स्वास्थ्य सबसे जरूरी है। दुर्भाग्यवश बहुत से युवा इस पहलू को नजरअंदाज करते हैं। वे नहीं समझते कि प्रकृति का काम करने का अपना तरीका है। अगर कोई अनुशासित जीवन नहीं जीता है तो उसका ऊर्जा का भंडार जल्दी ही खत्म होने लगता है। खुशी और स्वास्थ्य का आपस में गहरा रिश्ता है, जब हम अच्छी आदतें रखेंगे तब हम स्वस्थ रहेंगे और यदि हम स्वस्थ रहेंगे तो हमें स्वत: ही आंतरिक खुशी मिलेगी न कि खुशी के अवसर तलाशने पड़ेंगे।