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28 सितम्बर भारत बंद: रणनीति पड़ेगी मोदी सरकार पर भारी

काली पट्टी बांधकर काम कर रहे दवा कारोबारी, दवा विक्रेताओं ने शुरू किया काली पट्टी बांधो अभियान

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आगरा

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Abhishek Saxena

Sep 24, 2018

आगरा। पहले सवर्णों द्वारा एससी एसटी एक्ट पर भारत बंद बुलाया गया, इसके बाद दस सितम्बर को कांग्रेस ने महंगाई को लेकर भारत बंद किया। अब मोदी सरकार की नीतियों के विरोध में दवा विक्रेता भारत बंद कर रहे हैं। ऑनलाइन फार्मेसी का विरोध कर रहे दवा विक्रेताओं ने अपने आंदोलन को गति देना शुरू कर दिया है।

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काली पट्टी बांधने का अभियान
महानगर कैमस्टि एसोसिएशन के सदस्यों ने काली पट्टी बांधो अभियान शुरू कर दिया है। सभी दवा व्यापारी सांसदों को ज्ञापन भी दे रहे हैं। सरकारी निर्णय के विरोध में 28 सितम्बर को देश भर के दवा कारोबार के बंद रखने का निर्णय लिया है। महानगर कैमस्टि एसोसिएशन ने बैठक की और उसमें रणनीति तैयार की। दवा व्यापारियों का कहना है कि सभी व्यापारी सरकार को टैक्स के रूप में बड़ा राजस्व देते हैं। लेकिन, सरकार उनका व्यापार ही खत्म करने पर उतारू है। मोदी सरकार ने 2014 के लोकसभा चुनाव में सबका साथ सबका विकास का नारा दिया था। लेकिन, जब व्यापार ही छिन जाएगा तो सबका विकास कैसे संभव है। मांग की गई कि सरकार को फुटकर दवा व्यापारियों को राहत देने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का सरलीकरण करना चाहिए और फार्मेसी असिस्टेंट को लाइसेंस की मान्यता देनी चाहिए।

आंदोलन के तहत 27 तक काली पट्टी बांधकर करेंगे काम
आंदोलन के तहत सभी व्यापारियों ने कहा कि 27 सितम्बर तक रोजाना काली पट्टी बांध कर काम करने का किया जाएगा। व्यापारियों ने यूपीसीडीए के उपाध्यक्ष व एएमसीए के संस्थापक गिरधारी लाल भगत्यानी की सिंध मेडिकल स्टोर और शाहगंज स्थित लाल मेडिकल स्टोर शाहगंज पर आंदोलन की रणनीति बनाई। संस्था के प्रभारी टीमें बनाकर पूरे जिले में 28 सितम्बर के प्रस्तावित बंद को सफल बनाने में जुट गए हैं। बंद को सफल बनाने में गिरधारी लाल भगत्यानी, शशिशंकर शर्मा, आशीष शर्मा, आशीष ब्रह्मभट्ट, अजित दुबे, अश्विनी श्रीवास्तव, राजकुमार गुप्ता और मोहित आहूजा जुट गए हैं।