
Breast Feeding Week
आगरा। बुजुर्ग कहते थे, कि मां का दूध बच्चे के लिए अमृत समान है, लेकिन आज का दौरा ऐसा चला, कि कहीं फिगर न खराब हो जाए, इसलिए मां के द्वारा बच्चों को अपना दूध पिलाना ही बंद कर दिया गया। 1 से 7 अगस्त के बीच हर साल ब्रेस्ट फीडिंग वीक मनाया जाता है इस अवसर पर हम आपको बता रहे हैं कि breast feeding के क्या फायदे हैं। डाइटीशियन रेणुका डंग ने पत्रिका के माध्यम से अहम जानकारी दी।
मेरा नहीं हुआ फिगर खराब
डाइटीशियन रेणुका डंग ने बताया कि मैंने अपने बच्चों को एक वर्ष से उपर फीड किया है, लेकिन मुझे कोई परेशानी नहीं हुई और नाहीं फिगर खराब हुआ। क्योंकि 500 से 600 कैलोरीज तो यूं ही बर्न हो जाती थीं, इसलिए मोटापा कभी नहीं बढ़ा। उन्होंने बताया कि सभी मां को पत्रिका के माध्यम से संदेश देना चाहती हूं, कि अपने बच्चे को अपना दूध जरूरी पिलाएं।
बीमारियों से दूर रहेगा आपका बच्चा
रेणुका डंग ने कहा कि पहले बताना ये जरूरी है कि ब्रेस्टफीडिंग जरूरी क्यों है। तो आपको बता दें कि जो मां का दूध होता है, वो इतनी अधिक इम्युनिटी स्ट्रांग कर देता है बच्चे की, कि आपका बच्चा कभी बीमार ही नहीं होगा। दूध पिलाने से ऑक्सीटोसिन रिलीज होता है। जिससे यूटेरस संकुचित होता है।
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Breast Feeding से कम होता है मोटापा
ब्रेस्ट फीडिंग में एक दिन में 500 से 600 कैलोरीज बर्न होती हैं। आपको याद हो तो दादा या दादी ये कैलोरी की बात तो नहीं कर पाते थे, लेकिन वे ये जरूर कहते थे कि यदि बच्चे को दूध पिलाते हैं, तो वजन अपने आप ही कम हो जाएगा। मैं पत्रिका के माध्यम से बताना चाहता हूं कि मैंने अपने बच्चे को एक साल से अधिक स्तनपान कराया है। माशा अल्ला फिगर विगर की कोई चिन्ता ही नहीं था क्योंकि 500-600 कैलोरी बर्न हो रही थी Breast Feeding से। सही बात तो यह है कि ब्रेस्ट फीडिंग से फिगर ठीक होता है।
Published on:
01 Aug 2019 04:26 pm
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