
आगरा।मायावती और अखिलेश यादव ने यूपी में लोकसभा उपचुनाव में गठबंधन किया था। अब उनकी पार्टी आगामी लोकसभा 2019 में भी गठबंधन कर सकती है। लेकिन, इस बीच नेताओं का दल बदलने का सिलसिला लगातार जारी है। विधानसभा चुनाव 2012 में समाजवादी पार्टी की टिकट पर एत्मादपुर से चुनाव लड़ने वाले पूर्व मंत्री के पुत्र ने बहुजन समाज पार्टी का दामन थाम लिया। उनके बसपा में जाने से क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई हैं।
तीन लोकसभा चुनाव में करेंगे काम
प्रेमसिंह बघेल ने बसपा में वापसी की है। लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के सामने वे बसपा में शामिल हुए। बसपा जिलाध्यक्ष भारतेंदु अरुण के अनुसार उन्हें तीन लोकसभा क्षेत्र में काम करने की जिम्मेदारी मिली है। प्रेम सिंह बघेल समाज को बसपा से जोड़ने का काम करेंगे। आगरा , फतेहपुर सीकरी और हाथरस लोकसभा क्षेत्र में सक्रिय रहेंगे। प्रेम सिंह बघेल पूर्व मंत्री किशन लाल बघेल के पुत्र हैं जो साइकिल चुनाव चिन्ह पर एत्मादपुर का विधानसभा चुनाव 2012 भी लड़ चुके हैं।
पत्रिका को बताई वापसी की वजह
एत्मादपुर सीट से समाजवादी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले नेता प्रेमसिंह बघेल से पत्रिका टीम ने बात की। जब उनसे पूछा गया कि सपा और बसपा का गठबंधन तय है, ऐसे में उन्होंने पार्टी क्यों बदली। इस सवाल के जवाब पर उन्होंने बताया कि उनके पिता पूर्व मंत्री किशन लाल बघेल बसपा सरकार में मंत्री बने थे। वे पहले से ही बसपा परिवार का हिस्सा थे। पिता चाहते थे कि वे बसपा में रहें। उनकी मृत्यु के बाद बहुत सोच विचार किया और घर वापसी की। बता दें कि पूर्व मंत्री किशन लाल बघेल ने 1998 में बसपा टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था। वहीं 2002 में बसपा सरकार में वे मंत्री भी रहे थे। इसके बाद प्रेमसिंह बघेल ने 2012 में सपा की टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्हें करीब 76 हजार वोट हासिल हुए थे।
Published on:
16 Apr 2018 12:03 pm
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