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आगरा।आगरा मण्डल व्यापार संगठन एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मण्डल के व्यापारी नेताओं ने रोष प्रकट करते हुए कहा है कि पूरे भारतवर्ष के आधे प्रदेशों में एटीएम के अन्दर पैसा न होने की वजह से व्यापारियों व उद्योगपतियों का व्यापार तो चैपट हो ही गया है, इसके साथ ही मध्यम श्रेणी के परिवारों के सामने भी भीषण आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।रसोई की थाली भी खाली हो गयी है और इस समय जबकि स्कूलों के खुलने का समय है, तब तमाम परिवारों को अपने बच्चों के लिए स्कूलों की ड्रेस, स्टेशनरी आदि सामान क्रय करने में आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बाजार में पसरा सन्नाटा
व्यापारी नेताओं ने कहा कि सरकार अच्छी प्रकार से जानती है कि इस समय सहालग का समय है और शादी वालों घरों में पैसों की अधिक आवश्यकता होती है, सहालग होने के बावजूद भी बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। व्यापारी नेताओं ने कहा है कि इस समय वही नजारा देखने को मिल रहा है जो नजारा नोटबंदी के समय देखने को मिला था। फर्क सिर्फ इतना है कि उस समय एटीएम पर लम्बी-लम्बी लाइनें लगी थीं, लेकिन अब लाइनें तो नहीं है, लेकिन अब एटीएम तक पहुंचने के बाद भी खाली हाथ वापिस आना पड़ रहा है और एटीएम में पैसा आने का इंतजार इस प्रकार करना पड़ रहा है, जिस प्रकार रेलवे स्टेशन पर खड़े होकर यात्री गाड़ी आने का इंतजार करते है। एटीएम में पैसा न होने की वजह से परिवारों को बहुत ही मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।
ये की मांग
व्यापारी नेताओं ने कहा है कि रिजर्व बैंक आॅफ इण्डिया को चाहिये कि वह अविलम्ब देश के ग्यारह राज्यों की जनता को आर्थिक उत्पीड़न से राहत दिलाने के लिए तुरन्त ही एटीएमों में पैसा डलवाएं। रोष व्यक्त करने वालों में संगठन के गोविन्द अग्रवाल (संस्थापक), भूपेन्द्र सिंह सोबती अध्यक्ष, ब्रजेश पण्डित महामंत्री, गिरीश गोयल, राहुल अग्रवाल, नीतू अग्रवाल, पवन बंसल, डी.के. जैन, त्रिलोक चन्द शर्मा, दर्शन थवानी, विकास मोहन बंसल, संजीव खण्डेलवाल, राजेश मनचंदा, संजय अग्रवाल, पारस जैन, अभिषेक जैन, प्रकाश अग्रवाल, हरीकिशन पिप्पल, सलीम जब्बार आदि थे।
Published on:
19 Apr 2018 05:18 pm
