
यूपी में करोड़ो रुपये तक पहुंचा टूटे और झड़े हुए बालों का कारोबार।
Hair Business in Agra: अगर आप टूटे और झड़े बाल देखकर तनाव में आ रहे हैं तो यह खबर आपको सुकून देने वाली है। अब आप अपने टूट और झड़े बाल बेच सकते हैं। जी हां, आगरा की गलियों में घूम-घूमकर फेरी वाले 2500 से 3000 रुपये किलो तक बाल खरीद रहे हैं। मंगलवार को घूम रहे ऐसे ही एक फेरी वाले ने बताया कि कॉलोनियों में अब ग्राहक बन गए हैं। सप्ताह या 15 दिन में अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंच साइकिल पर स्पीकर लगाकर आवाज लगाते हैं। कालिंदी विहार क्षेत्र आवास विकास, वजीरपुरा, नगला पदी, प्रकाश नगर, महर्षि पुरम, गांधीनगर, बोदला, खंदारी, लोहा मंडी, रामबाग और गांव आदि में एक चक्कर में 50 से 300 ग्राम तक बाल मिल जाते हैं। एक घर से अधिकतम आठ से 15 ग्राम तक बाल मिलते हैं। अब तो कुछ लोगों ने मोबाइल नंबर ले लिया है।
आगरा में बालों के कारोबार से जुड़े एक व्यापारी ने बताया कि पिछले तीन सालों में बालों की खरीद-फरोख्त बढ़ी है। हर महीने करीब 1500 किलो बालों का कलेक्शन केवल आगरा में होता है। इसे बेचकर महीने में करीब 45 लाख और सालाना साढ़े 5 करोड़ का कारोबार होता है। उन्होंने बताया कि भारत से बालोंं को चीन, अमेरिका, ब्रिटेन मलेशिया, थाईलैंड, बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव, बर्मा और यूरोप में वर्जिन हेयर और रेमी हेयर की डिमांड ज्यादा बढ़ गई है।
गुणवत्ता के आधार पर चार हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक भुगतान किया जाता है। एक फेरी वाला एक दिन में 500 ग्राम से डेढ़ किलोग्राम तक बाल खरीद लाता है, जिसमें महिलाओं के ही बाल होते हैं। इन बालों को दिल्ली के व्यापारियों को बेचा जाता है। वहां पर गंदे बालों को स्वच्छ एवं व्यवस्थित कर दूसरे देशों को बेचा जाता है। गोदाम संचालक ने बताया कि वह बालों को यहां से दिल्ली भेजते हैं। सात दिन में जितने बाल जुटते है बताया जाता है कि इनसे पानी के जहाज की रस्सी और नकली बाल की बिग बनाई जाती है। फैक्ट्रियों में केमिकलों से बालों को ट्रीट किया जाता है। काला बनाने के लिए पॉलिशिंग होती है। कई तरह के कंडीशनर भी बालों पर इस्तेमाल किए जाते हैं, जिससे वे मुलायम हो सकें।
जानकारी के अनुसार वजन के हिसाब से फेरी वाले महिलाओं को पैसे देते हैं। फेरी वाले घर-घर जाकर महिलाओं के बालों का कलेक्शन करते हैं। इसके अलावा सैलून, पार्लर से भी बालों को डायरेक्ट खरीद होती है। गोदाम संचालक ने बताया कि वह करीब चार साल से बाल खरीदने का काम कर रहे हैं। दिल्ली में उनका एक परिचित पहले काम करता था। उसने बालों के व्यापार के बारे में बताया कि बालों को खरीदने में अच्छा मार्जन है। उसके कहने पर बालों को खरीदने का काम शुरू कर दिया।
हर साल 10 प्रतिशत की दर से बढ़ोतरी
आगरा के रामबाग स्थित बालों के गोदाम संचालक राजकुमार ने बताया कि यहां से बालों का कलेक्शन दिल्ली भेजा जाता है। दिल्ली में स्थित फैक्ट्री से माल तैयार कर कोलकाता, दिल्ली और चेन्नई में व्यापारियों को बेचा जाता है। यहां बालों के ट्रीटमेंट का अंतिम प्रोसेस होता है। यहां से बाल चीन, अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटेन भेजे जाते हैं, जहां इनके कस्टमाइज्ड विग तैयार होते हैं। इंसानी बाल खरीदने में चीन सबसे आगे है। इसके बाद अमेरिकाए अफ्रीका और यूरोप के देशों का नाम आता है। हेयर प्रोडक्ट्स कंपनी नाइल्सन की रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल यह बिजनेस 10 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।
2023 में 75 हजार करोड़ के पार पहुंचेगा कारोबार
आगरा के रामबाग स्थित बालों के गोदाम संचालक राजकुमार ने बताया कि शुरुआत में दिन में एक किलो बाल भी नहीं मिलते थे। उस समय दो हजार रुपए किलो कीमत थी। महिलाओं को नहीं पता था कि टूटे बालों के दाम मिलते हैं, लेकिन चार साल में काम बहुत बढ़ गया। उनके पास एक दिन में 10 किलो तक बाल आते हैं। वहीं दूसरे गोदाम पर बैठे देवेंद्र ने बताया कि पहले उनका एक गोदाम था, लेकिन अब उन्होंने दो जगह पर काम शुरू किया है। दिन में करीब 20 किलो तक बाल आते हैं। 2023 में यह कारोबार 75 हजार करोड़ पार होने की उम्मीद है।
बालों का कारोबार इतने बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। जिसका आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते। इसका एक उदाहरण साल 2022 में उस समय देखने को मिला। जब भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि एक साल में सीमा पर तस्करी के लिए जा रहे 400 किलो बाल जब्त किए गए।
अपनी रिपोर्ट में बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के तत्कालीन डीआईजी एसएस गुलेरिया ने कहा था कि मानव बालों की ये तस्करी 2021 से चल रही थी। उन्होंने मीडिया को बताया था कि लगभग 12 किलो बालों की पहली खेप फरवरी 2021 में नादिया जिले में जब्त की गई थी। इसके साथ साल 2021 में 397 किलो मानव बाल जब्त किए गए। उन्होंने बताया कि इस साल अब तक करीब 47 किलो जब्त किया जा चुका है।
क्या होता है इन बालों का..आइये जानते हैं
हेयर ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मिलन चौधरी ने एक न्यूज वेबसाइट को बताया था कि जिन महिलाओं के लंबे बाल होते हैं, वे नियमित रूप से कंघी करने के बाद झड़ते बालों को हटा देती हैं। कचरा बीनने वाले और बाल इकट्ठा करने वाले लोग घर-घर और शहरों में जुटाते हैं। एक बार जब वे हमारे पास पहुंच जाते हैं तो उन्हें विग में बुने जाने से पहले साफ-सुथरा किया जाता है। विग को मुख्य रूप से चीन को निर्यात किए जाते हैं। चौधरी ने कहा कि छोटे बाल (छह इंच से कम) को संसाधित (processed) नहीं किया जाता था और आमतौर पर बांग्लादेश और म्यांमार को सस्ती दरों पर निर्यात किया जाता था। बांग्लादेश में नौगांव, कुश्तिया, राजशाही और दिनाजपुर जैसी जगहों पर कई हेयर प्रोसेसिंग फैक्ट्रियां हैं। उनके आकार और गुणवत्ता के आधार पर प्रत्येक किलो मानव बाल 5000 रुपये से 10000 रुपये के बीच मिल सकता है।
वहीं आगरा के एक हेयर एक्सपोटर्स का कहना है कि झडे़ हुए बालों से विग बनाए जाते हैं। विदेशों में भारतीय बालों की मांग बहुत अधिक है, क्योंकि भारतीय बाल विशुद्ध होते हैं। उनमें किसी भी तरह का कोई केमिकल यूज नहीं हुआ होता है। बालों का प्रयोग नकली बाल, दाढ़ी, मूछ बनाने में किया जाता है। इसके अलावा टूटे हुए बालों को चीन भेजा जाता है। चीन में बालों के प्रोटीन से एमिनो एसिड निकालकर सोयाबीन तेल आदि में मिलाकर सोया सॉस बनाया जाता है।
Updated on:
19 Sept 2023 07:56 pm
Published on:
19 Sept 2023 06:03 pm
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