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आगरा। मुख्य विकास अधिकारी रविन्द कुमार मांदड की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बड़ी बात ये थी कि सीडीओ ने बैठक शुरू कर दी थी और कुछ अधिकारी बैठक शुरू होने के बाद आ रहे थे, यही नहीं, कुछ अधिकारी तो इस बैठक से गायब मिले। इस लापरवाही पर सीडीओ ने बड़ा कदम उठाया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान चिकित्साधिकारियों द्वारा 100 से कम निरीक्षण किए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि अगली बार 110 से कम निरीक्षण किए जाने पर मुख्य चिकित्साधिकारी को चेतावनी जारी की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी बीडीओ को निर्देशित किया कि वे आकस्मिक निरीक्षण करें कि 102, 108 एम्बुलेंस समय से पहुॅच रही है कि नहीं। समीक्षा के दौरान प्रपत्र में गलत रिपोर्ट पाये जाने पर सीडीओ ने मुख्य चिकित्साधिकारी के स्पष्टीकरण प्राप्त करने व भविष्य के लिए चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए।
इन अधिकारियों का रोक दिया वेतन
मुख्य विकास अधिकारी ने श्रम विभाग व यमुना प्रदूषण नियंत्रण ईकाइ तथा गंगाजल परियोजना से सम्बन्धित अधिकारी के बैठक में न आने पर वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने पीओ डूडा के बैठक में उपस्थित न होने पर स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिशासी अभियन्ता एडीए के बैठक में लेट आने पर वेतन रोकने के निर्देश दिए।मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जिन विकास कार्यो को कराने के निर्देश दिए गए उन कार्यो की प्रगति की समीक्षा अगली बैठक में की जाएगी। उन्होंने कृषकों का पंजीकरण मानक के अनुरूप न कराने पर उप निदेशक कृषि व जिला कृषि अधिकारी को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए।
इनकी हुई समीक्षा
समीक्षा बैठक में आईजीआरएस, दवाओं की उपलब्धता, एम्बुलेंस की स्थिति, टीकाकरण, अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण, पेंशन, हैण्डपम्पों की रिबोरिंग, कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराये जा रहे कार्यो की प्रगति आदि की समीक्षा की गयी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने से सम्बन्ति विकास कार्यो की समीक्षा अपने स्तर से नियमित करते रहें, जिससे जनपद की स्थिति प्रदेश में अच्छी बन सके। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस से सम्बन्धित शिकायतों को प्रतिदिन चेक करें व उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करना सुनिश्चित करें, किसी प्रकार की लापरवाही करने वाले अधिकारी के विरूद्व कार्रवाई की जायेगी। जिला विकास अधिकारी ने कहा शिकायतकर्ता से शिकायत निस्तारण से पूर्व फोन पर वार्ता कर लें, जिससे शिकायत का निस्तारण गुणवत्ता पूर्ण हो सके व शिकायत कर्ता संतुष्ट भी हो सके।
ये रहे मौजूद
बैठक में जिला विकास अधिकारी योगेन्द्र कुमार पाठक, उपायुक्त एनआरएलएम भाल चन्द त्रिपाठी,डीपीआरओ जगदीश राम गौतम व अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित थे।
Published on:
09 May 2018 04:23 pm
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